राधा कृष्ण बिरज में अनुपम प्रेम प्रमाण
राधा कृष्ण बिरज में अनुपम प्रेम प्रमाण
राधा कृष्ण बिरज में,
अनुपम प्रेम प्रमाण।
राधे-कृष्ण की जोड़ी,
चंद्र-चकोर समान।
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
आज भी कुंज गलिन में देखो,
'राधे-राधे' होती।
गोधूलि बेला में प्रियवर की,
पूजन-अर्चन होती॥
निधिवन वृंदावन में अब भी,
रास लीला हर दिन होती।
जय जय जय जगदीश हरे,
भक्त जनों के कष्ट हरे॥
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
दही-माखन की मटकी अब भी,
बिरज में झूले ग्वालिनिया।
गोधन पर दृष्टि न लगे,
रखवाली करें गिरधारिया॥
बांके बिहारी मंदिर में,
आज भी झांकी होती।
जय जय जय जगदीश हरे,
भक्त जनों के कष्ट हरे॥
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
बिरज बिहार की गलियों में,
धुन मुरली की आती।
हर झोंका बोले कान्हा आए,
हर लहर मुस्काती॥
कोस चौरासी परिक्रमा,
राधे-राधे गूंजती।
जय जय जय जगदीश हरे,
भक्त जनों के कष्ट हरे॥
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
अनुपम प्रेम प्रमाण।
राधे-कृष्ण की जोड़ी,
चंद्र-चकोर समान।
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
आज भी कुंज गलिन में देखो,
'राधे-राधे' होती।
गोधूलि बेला में प्रियवर की,
पूजन-अर्चन होती॥
निधिवन वृंदावन में अब भी,
रास लीला हर दिन होती।
जय जय जय जगदीश हरे,
भक्त जनों के कष्ट हरे॥
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
दही-माखन की मटकी अब भी,
बिरज में झूले ग्वालिनिया।
गोधन पर दृष्टि न लगे,
रखवाली करें गिरधारिया॥
बांके बिहारी मंदिर में,
आज भी झांकी होती।
जय जय जय जगदीश हरे,
भक्त जनों के कष्ट हरे॥
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
बिरज बिहार की गलियों में,
धुन मुरली की आती।
हर झोंका बोले कान्हा आए,
हर लहर मुस्काती॥
कोस चौरासी परिक्रमा,
राधे-राधे गूंजती।
जय जय जय जगदीश हरे,
भक्त जनों के कष्ट हरे॥
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे,
राधे कृष्ण, कृष्ण है राधे॥
राधा कृष्ण बिरज में ~ सुबह सुबह सुने अदभुत धुन मे श्री बाँके बिहारी जी Bhajan with Lyrics
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Singer: Vastvik roy
Lyrics: Maneesh Kaushik
Music: shoma Banerjee
राधा और कृष्ण का प्रेम ब्रज की आत्मा में रचा-बसा है। उनकी जोड़ी चंद्रमा और चकोर की तरह है—एक आकर्षण, एक तड़प, एक अद्भुत मिलन, जो प्रेम की पराकाष्ठा का प्रमाण है। आज भी ब्रज की गलियों में “राधे-राधे” की गूंज है, गोधूलि बेला में पूजन और अर्चना होती है, निधिवन में रास की लीला का चिरंतन रहस्य बहता रहता है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
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Music: shoma Banerjee
राधा और कृष्ण का प्रेम ब्रज की आत्मा में रचा-बसा है। उनकी जोड़ी चंद्रमा और चकोर की तरह है—एक आकर्षण, एक तड़प, एक अद्भुत मिलन, जो प्रेम की पराकाष्ठा का प्रमाण है। आज भी ब्रज की गलियों में “राधे-राधे” की गूंज है, गोधूलि बेला में पूजन और अर्चना होती है, निधिवन में रास की लीला का चिरंतन रहस्य बहता रहता है।
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सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
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Author - Saroj Jangir
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