गुरु भगतों के खुल गए भाग जब गुरु सेवा भजन

गुरु भगतों के खुल गए भाग जब गुरु सेवा भजन

गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।

सेवा मिली थी राजा हरिश्चंद्र को,
दे दिया राज और ताज,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।

आप भी बिके राजा,
रानी को भी बेच दिया,
बेच दिया रोहित कुमार,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।

सेवा करी थी भिलनी भक्त ने,
प्रभु पहुंच गए हैं द्वार,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।

सेवा में पुत्र पर आरा चलवा दिया,
वह मौरध्वज महाराज,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।

सेवा करी थी मीरा बाई ने,
लोकलाज दिन्हीं उतार,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।

तुमको भी गुरु जी ने मौका दिया है,
हमको भी गुरु जी ने मौका दिया है,
आओ हो जाओ भव से पार,
जब गुरु जी की सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग,
जब गुरु सेवा मिली,
गुरु भगतों के खुल गए भाग।।


गुरु भगतों के खुल गए भाग जब गुरु सेवा भजन

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
गुरु की सेवा में डूब जाने से जीवन के सारे द्वार खुल जाते हैं, जैसे राजा हरिश्चंद्र ने सब कुछ लुटा दिया तो राज-पाट वापस पा लिया। भिलनी ने सादगी से सेवा की, प्रभु उनके द्वार पर आ धमके। मीरा बाई ने लोक लाज को ठुकरा दिया, बस गुरु पद पर मन लगा दिया। ये उदाहरण दिखाते हैं कि समर्पण की कोई सीमा नहीं, चाहे पुत्र पर आरा चलवा दो जैसे मौरध्वज ने किया, फिर भी फल अमूल्य मिलता है। सेवा का मौका मिले तो मन को वो ताकत आ जाती है जो हर बंधन तोड़ देती है।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post