मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी आ...
भक्त प्रह्लाद ने तुम्हें पुकारा,
हिरणाकुश को पल में मारा,
शबरी के प्रभु मान रखे थे,
झूठे झूठे बेर थे चखे थे,
मेरी सूध आजा ले जा,
देर न कर गिरधारी...
अभिलाषा जो ध्रुव ने किन्हीं,
उच्चासन प्रभु तुमने दीनी,
नार अहिल्या तुमने तारी,
जय हो जय हो कृष्ण मुरारी,
आजा रे अब आजा आ,
देर ना कर गिरधारी...
द्रुपद सुता ने तुम्हें बुलाया,
तुमने आकर जी चीर बढ़ाया,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जय हो मां यशोदा के प्यारे,
आजा रे अब आजा आ...
भक्त प्रह्लाद ने तुम्हें पुकारा,
हिरणाकुश को पल में मारा,
शबरी के प्रभु मान रखे थे,
झूठे झूठे बेर थे चखे थे,
मेरी सूध आजा ले जा,
देर न कर गिरधारी...
अभिलाषा जो ध्रुव ने किन्हीं,
उच्चासन प्रभु तुमने दीनी,
नार अहिल्या तुमने तारी,
जय हो जय हो कृष्ण मुरारी,
आजा रे अब आजा आ,
देर ना कर गिरधारी...
द्रुपद सुता ने तुम्हें बुलाया,
तुमने आकर जी चीर बढ़ाया,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जय हो मां यशोदा के प्यारे,
आजा रे अब आजा आ...
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर न कर गिरधारी आ#krishna #krishana bhajan,#bhajan#radha krishna bhajan
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
गीतकार -राजेन्द्र प्रसाद सोनी
गायक -राजेन्द्र प्रसाद सोनी
संगीतकार -राजेन्द्र प्रसाद सोनी
प्रभु की महिमा और करुणा का अनुभव हर युग में होता आया है। जब भी सच्चे हृदय से पुकार लगाई गई, प्रभु ने अपने भक्तों की रक्षा की और उनका मान रखा। प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी विश्वास नहीं छोड़ा, हिरण्यकशिपु जैसे अत्याचारी का अंत प्रभु ने स्वयं नरसिंह रूप में आकर किया और प्रह्लाद को बचाया। शबरी की सच्ची भक्ति को प्रभु ने स्वीकार किया, उसके झूठे बेर प्रेम से चखे और उसकी प्रतीक्षा को सार्थक किया। ध्रुव ने जब बाल्यावस्था में प्रभु से अभिलाषा की, तो प्रभु ने उसे उच्च स्थान दिया, अमरत्व का वरदान दिया। अहिल्या को पत्थर रूप से मुक्त कर प्रभु ने उसकी लाज रखी। द्रौपदी ने जब संकट में पुकारा, तो कृष्ण ने उसकी रक्षा के लिए चीर बढ़ाया और उसे अपमान से बचाया।
हर बार जब भी किसी ने सच्चे मन से पुकारा, प्रभु ने उसकी सुध ली, उसके कष्ट हर लिए और उसे सहारा दिया। भक्तों की आस्था और प्रेम के आगे प्रभु ने सदैव अपने वचन निभाए, चाहे वह किसी भी रूप में आए हों। यही विश्वास जीवन को संबल देता है कि जब भी मन से पुकार होगी, प्रभु अवश्य आएंगे और कष्टों को हर लेंगे।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
गीतकार -राजेन्द्र प्रसाद सोनी
गायक -राजेन्द्र प्रसाद सोनी
संगीतकार -राजेन्द्र प्रसाद सोनी
प्रभु की महिमा और करुणा का अनुभव हर युग में होता आया है। जब भी सच्चे हृदय से पुकार लगाई गई, प्रभु ने अपने भक्तों की रक्षा की और उनका मान रखा। प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी विश्वास नहीं छोड़ा, हिरण्यकशिपु जैसे अत्याचारी का अंत प्रभु ने स्वयं नरसिंह रूप में आकर किया और प्रह्लाद को बचाया। शबरी की सच्ची भक्ति को प्रभु ने स्वीकार किया, उसके झूठे बेर प्रेम से चखे और उसकी प्रतीक्षा को सार्थक किया। ध्रुव ने जब बाल्यावस्था में प्रभु से अभिलाषा की, तो प्रभु ने उसे उच्च स्थान दिया, अमरत्व का वरदान दिया। अहिल्या को पत्थर रूप से मुक्त कर प्रभु ने उसकी लाज रखी। द्रौपदी ने जब संकट में पुकारा, तो कृष्ण ने उसकी रक्षा के लिए चीर बढ़ाया और उसे अपमान से बचाया।
हर बार जब भी किसी ने सच्चे मन से पुकारा, प्रभु ने उसकी सुध ली, उसके कष्ट हर लिए और उसे सहारा दिया। भक्तों की आस्था और प्रेम के आगे प्रभु ने सदैव अपने वचन निभाए, चाहे वह किसी भी रूप में आए हों। यही विश्वास जीवन को संबल देता है कि जब भी मन से पुकार होगी, प्रभु अवश्य आएंगे और कष्टों को हर लेंगे।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
