सुनायें गम की किसे कहानी

Sunaye Gam Ki Kise Kahani Song

सुनायें गम की किसे कहानी
सुनायें गम की किसे कहानी हमें तो अपने सता रहे हैं ।
हमेशा सुबहो-शाम दिल पर सितम के खंजर चला रहे हैं ।

न कोई इंग्लिश न कोई जर्मन न कोई रशियन न कोई तुर्की,
मिटाने वाले हैं अपने हिन्दी जो आज हमको मिटा रहे हैं ।

कहाँ गया कोहिनूर हीरा किधर गयी हाय मेरी दौलत,
वह सबका सब लूट करके उल्टा हमीं को डाकू बता रहे हैं ।

जिसे फना वह समझ रहे हैं बका का है राज उसी में मुजमर,
नही मिटाये से मिट सकेंगे वह लाख हमको मिटा रहे हैं ।

जो है हुकूमत वह मुदद्ई जो अपने भाई हैं हैं वही दुश्मन,
गज़ब में जान अपनी आ गयी है क़ज़ा के पहलू में जा रहे हैं ।

चलो-चलो यारो रिंग थिएटर दिखाएँ तुमको वहाँ पे लिबरल,
जो चन्द टुकडों पे सीमोज़र के नया तमाशा दिखा रहे हैं।

खमोश हसरत खमोश हसरत अगर है जज़्बा वतन का दिल में,
सजा को पहुंचेंगे अपनी बेशक जो आज हमको फंसा रहे हैं ।

Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं एक विशेषज्ञ के रूप में रोचक जानकारियों और टिप्स साझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें

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