रंग रंग रा फूल खिले रे कबीर भजन

रंग रंग रा फूल खिले रे कबीर भजन

 
रंग रंग रा फूल खिले रे लिरिक्स Rang Rang Ra Phool Khile Re Lyrics

देह माहि विदेह है
साहब सुरती स्वरुप
अनंत लोक में रमी रहा
जाके रंग ना रूप
आया भगुला प्रेम का
तिनका चढ़ा अकास।
तिनका तिनके से मिला
तिन का तिन के पास
जहाँ प्रेम कहा मेल नहीं
तहां न बुद्धि व्यवहार
प्रेम मगन जब भी भया
तो कोन गिने तिथि वार

म्हारा राम बाग़ गुलजार
म्हारो हदहो बाग़ गुलजार
रंग रंग रा फूल खिले रे
तख़्त चार चौरासी जारी
तिन की सडका
न्यारी रे न्यारी
पेड़ो से पेड़ बढे रे
रंग रंग रा फूल खिले रे
म्हारा राम बाग़ गुलजार
म्हारो हदहो बाग़ गुलजार
रंग रंग रा फूल खिले रे
कुआ इन रे के बाग़ माहि
भंवरा चिप रह्या गँवा के माहि
इन कुआ से बाग़ पीवे रे
रंग रंग रा फूल खिले रे


रंग रंग रा फुल खिलेला || धनराज जी जोशी ||Jaldevi Hd Music || Dhanraj Ji Joshi ||Shiwarti Live !!
 
Deh Maahi Videh Hai
Saahab Suratee Svarup
Anant Lok Mein Ramee Raha
Jaake Rang Na Roop
Aaya Bhagula Prem Ka
Tinaka Chadha Akaas.
Tinaka Tinake Se Mila
Tin Ka Tin Ke Paas
Jahaan Prem Kaha Mel Nahin
Tahaan Na Buddhi Vyavahaar
Prem Magan Jab Bhee Bhaya
To Kon Gine Tithi Vaar

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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