करना रे होई सो कर ले रे साधो कबीर भजन
करणी करे तो क्यों डरे, और कर ही क्यों पछताय,
तूने बोया पेड़ बबूल का, फिर आम कहाँ से खाय,
करना है सोइ कर ले साधो, मानख जनम दुहेलो है,
करना है सोइ कर ले साधो, मानख जनम दुहेलो है,
लख चौरासी में भटकत भटकत,
अब के मिल्यो महेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो
मानख जनम दुहेलो है,
करना है सोइ कर ले साधो
लख चौरासी में भटकत भटकत,
अब के मिल्यो महेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
जप तप नेम वरत और पूजा,
पूजा रे पूजा
सत दर्शन को गेलो हैं,
जप तप नेम वरत और पूजा,
सत दर्शन को गेलो हैं,
पार ब्रह्म को जानत नाहीं
भूल्या भूल्या भरम भहैलो है,
पार ब्रह्म को जानत नाहीं
भूल्या भूल्या भरम भहैलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
कोई कहे हरि बेस बैकुण्ठा,
कोई कहे गौ लौको है,
कोई कहे हरि बेस बैकुण्ठा,
कोई कहे गौ लौको है,
कोई कहे शिव नगरी में साहिब,
जुग जुग हाट बहेलो है,
कोई कहे शिव नगरी में साहिब,
जुग जुग हाट बहेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
अनसमझिया हरी दुरे बतावे,
बतावे रे बतावे,
अरे समझया साथ कहेलो है,
अनसमझिया हरी दुरे बतावे,
अरे समझया साथ कहेलो है,
सतगुरु सैन अमोलक दीनी,
हर दम हर को गेलो हैं,
सतगुरु सैन अमोलक दीनी,
हर दम हर को गेलो हैं,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
जिया राम गुरु पूरा म्हाने मिल ग्या,
मिल ग्या रे मिल ग्या,
कोई अजप जाप जपलो है,
जिया राम गुरु पूरा म्हाने मिल ग्या,
अजप जाप जपलो है,
म्हारे सतगुरु जी रो हेलो है,
कहबन नाथ सुणों भाई साधो,
म्हारे सतगुरु जी रो हेलो है,
कहबन नाथ सुणों भाई साधो,
म्हारे सतगुरु जी रो हेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो
तूने बोया पेड़ बबूल का, फिर आम कहाँ से खाय,
करना है सोइ कर ले साधो, मानख जनम दुहेलो है,
करना है सोइ कर ले साधो, मानख जनम दुहेलो है,
लख चौरासी में भटकत भटकत,
अब के मिल्यो महेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो
मानख जनम दुहेलो है,
करना है सोइ कर ले साधो
लख चौरासी में भटकत भटकत,
अब के मिल्यो महेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
जप तप नेम वरत और पूजा,
पूजा रे पूजा
सत दर्शन को गेलो हैं,
जप तप नेम वरत और पूजा,
सत दर्शन को गेलो हैं,
पार ब्रह्म को जानत नाहीं
भूल्या भूल्या भरम भहैलो है,
पार ब्रह्म को जानत नाहीं
भूल्या भूल्या भरम भहैलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
कोई कहे हरि बेस बैकुण्ठा,
कोई कहे गौ लौको है,
कोई कहे हरि बेस बैकुण्ठा,
कोई कहे गौ लौको है,
कोई कहे शिव नगरी में साहिब,
जुग जुग हाट बहेलो है,
कोई कहे शिव नगरी में साहिब,
जुग जुग हाट बहेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
अनसमझिया हरी दुरे बतावे,
बतावे रे बतावे,
अरे समझया साथ कहेलो है,
अनसमझिया हरी दुरे बतावे,
अरे समझया साथ कहेलो है,
सतगुरु सैन अमोलक दीनी,
हर दम हर को गेलो हैं,
सतगुरु सैन अमोलक दीनी,
हर दम हर को गेलो हैं,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
जिया राम गुरु पूरा म्हाने मिल ग्या,
मिल ग्या रे मिल ग्या,
कोई अजप जाप जपलो है,
जिया राम गुरु पूरा म्हाने मिल ग्या,
अजप जाप जपलो है,
म्हारे सतगुरु जी रो हेलो है,
कहबन नाथ सुणों भाई साधो,
म्हारे सतगुरु जी रो हेलो है,
कहबन नाथ सुणों भाई साधो,
म्हारे सतगुरु जी रो हेलो है,
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो
करना रे होई सो कर ले रे साधो Kabir Bhajan By Shabnam Virmani.
Karani Kare To Kyon Dare, Aur Kar Hi Kyon Pachhataay,
Tune Boya Ped Babul Ka, Phir Aam Kahaan Se Khaay,
Karana Hai Soi Kar Le Saadho, Maanakh Janam Duhelo Hai,
Karana Hai Soi Kar Le Saadho, Maanakh Janam Duhelo Hai,
Lakh Chauraasi Mein Bhatakat Bhatakat,
Ab Ke Milyo Mahelo Hai,
Karana Re Hoi So Kar Le Re Saadho
Karana Re Hoi So Kar Le Re Saadho
Maanakh Janam Duhelo Hai,
Karana Hai Soi Kar Le Saadho
Lakh Chauraasi Mein Bhatakat Bhatakat,
Ab Ke Milyo Mahelo Hai,
Karana Re Hoi So Kar Le Re Saadho
Tune Boya Ped Babul Ka, Phir Aam Kahaan Se Khaay,
Karana Hai Soi Kar Le Saadho, Maanakh Janam Duhelo Hai,
Karana Hai Soi Kar Le Saadho, Maanakh Janam Duhelo Hai,
Lakh Chauraasi Mein Bhatakat Bhatakat,
Ab Ke Milyo Mahelo Hai,
Karana Re Hoi So Kar Le Re Saadho
Karana Re Hoi So Kar Le Re Saadho
Maanakh Janam Duhelo Hai,
Karana Hai Soi Kar Le Saadho
Lakh Chauraasi Mein Bhatakat Bhatakat,
Ab Ke Milyo Mahelo Hai,
Karana Re Hoi So Kar Le Re Saadho
मानव जन्म कितना दुर्लभ है, लाखों योनियों की भटकन के बाद मिला ये मौका। साधक सोचता है, अब तो जो करना है वो कर लूं, बबूल बोया तो आम कहां से आएंगे। जप-तप, व्रत-पूजा सब सतगुरु जी के दर्शन के लिए ही तो हैं, वरना भ्रम में ही फंस जाते हम। कोई वैकुंठ बताता है, कोई शिवनगरी, लेकिन सच्चाई तो सतगुरु जी के चरणों में ही बसती है। एक बार जब दिल खुल जाए, तो हर भ्रम मिट जाता है, जीवन का हर पल सार्थक लगने लगता।
