मेरी मंजिल ने पार लगाइये शिव भजन

मेरी मंजिल ने पार लगाइये शिव भजन

कांधे कांवड़ उठा ली भोले, मन में धर लिया ध्यान तेरा।।
मेरी मंजिल ने पार लगाइए, मनाऊंगा एहसान तेरा।।

धणी दिन से सोचूं था मैं, हरिद्वार ने आवन ने।।
मन मेरा भी तड़पेगा, गंगा में गोते लावण ने।।
भोला-भाला जमींदार सूं, हरियाणे में गांव मेरा।।
मेरी मंजिल ने पार लगाइए, मनाऊंगा एहसान तेरा।।

म्हारे गांव के मंदिर में, हो बाबा तने नहलाऊंगा।।
धिस-धिस चंदन करूं कटोरी, माथे चंदन लगाऊंगा।।
धूप-दीप से करूं आरती, फिर गाऊं गुणगान तेरा।।
मेरी मंजिल ने पार लगाइए, मनाऊंगा एहसान तेरा।।

लड्डू, पेड़े खाने को ना, आक-धतूरा लाऊंगा।।
कच्ची-कच्ची भांग घोट के, भर-भर लोटे पिलाऊंगा।।
तू ही मेरा मात-पिता है, तू ही है भगवान मेरा।।
मेरी मंजिल ने पार लगाइए, मनाऊंगा एहसान तेरा।।

इतनी सुन के टेर जाट की, प्रसन्न हो गए बम भोले।।
हरियाणे के खेतों में फिर, बरसे चांदी के गोले।।
तेरी जय हो औघड़दानी, दिनेश करे गुणगान तेरा।।
मेरी मंजिल ने पार लगाइए, मनाऊंगा एहसान तेरा।।

मेरी मंजिल ने पार लगाइये भोले | Dinesh Goyal | Shiv Ji Ke Bhajan | Latest Shiv Bhajan 2020

Bhajan :- meri manzil nae paar lagaiye bhole
Album:- manne bhi jana se bhole
Writer :- Savita Garg (Saavi)
Singer :- Dinesh Goyal
Music :- Sarangi Studio
Music Director :- Sandeep Kumar
Spl Thanks :- Bijender Goyal, Kavita Garg, Savita Garg (Saavi), Vikas Kumar, Jaideep Malethia. 

कांवड़ कंधे पर लटकाकर चल पड़े साधक, मन में बस भोले बाबा का ध्यान लिए। हरिद्वार पहुंचकर गंगा में गोते लगाएं, तड़पते मन को शीतल करें। गांव के जमींदार से निकलकर भक्त बनें, मंदिर में नहलाएं, चंदन कटोरी से लगाएं। धूप-दीप की आरती करें, गुणगान गाएं। एक भक्त फरमाता है, "भोले तू माता-पिता समान, आक-धतूरा चढ़ाएं, भांग घोलकर पिलाएं।"

ये मनोकामना बाबा सुनकर प्रसन्न होते हैं, खेतों में चांदी के गोले बरसाते हैं। जीवन की मुश्किलें पार लगाने वाले भोले ही तो हैं। रोज भक्ति में डूबें, तो हर सपना साकार हो। आइए, कांवड़ यात्रा सरीखी निष्ठा अपनाएं, दिल को सुकून मिले। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री भोले जी की।

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