चलो सखी मिल देखन जइये नंद के लाल भजन

चलो सखी  मिल देखन जइये नंद के लाल भजन

चलो सखी मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।
चलो सखी  मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।

अबीर गुलाल, कुमकुमा केसर,
पिचकारिन भर भर दे दो री,
चलो सखी  मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।

एकजु पिय को, चोरा चोरी,
हमें लखैं नहीं कोरी,
चलो सखी  मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।

कृष्ण जीवन लछीराम के प्रभु कौं,
भरि हौं राधा गौ री,
चलो सखी  मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।

चलो सखी  मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।
चलो सखी  मिल, देखन जइये,
नंद के लाल मचाई होरी।
भजन श्रेणी : कृष्ण भजन



Chalo Sakhi Mil Dekhan - Raag Ramwali

Chalo Sakhi Mil, Dekhan Jaiye,
Nand Ke Laal Machai Hori.
Chalo Sakhi Mil, Dekhan Jaiye,
Nand Ke Laal Machai Hori.

Provided to YouTube by Super Cassettes Industries Private Limited
Chalo Sakhi Mil Dekhan - Raag Ramwali · Vitthaldas Bapodara · Vitthaldas Bapodara · Traditional
Vasant Dhamar-Hari Rasia Ke Keertan
℗ Super Cassettes Industries Private Limited
Released on: 2008-01-13
Producer: Vitthaldas Bapodara

व्रज की गलियों में जब फागुन का मौसम आता है, तो सखियों के साथ मिलकर नंद के लाल की होरी देखने चलने का मन करता है। अबीर-गुलाल, कुमकुम और केसर की पिचकारियां भर-भरकर चलती हैं। रंगों की यह मस्ती चारों तरफ छा जाती है। सखियां चोरी-छिपे एक-दूसरे को रंगने की कोशिश करती हैं, पर कोई किसी को पकड़ नहीं पाता। सब हंसी-खुशी में खो जाते हैं।
इस होरी में प्यार का रंग सबसे गहरा उतरता है। राधा जी की तरह मन भरकर रंग में डूब जाते हैं। नंद के लाल की इस लीला को देखते ही सारा मन प्रेम से भर जाता है। छोटी-छोटी बातों की चिंता दूर हो जाती है और दिल में बस एक ही आनंद रह जाता है। जैसे सारी दुनिया रंगों में नहा रही हो और हर तरफ खुशी बिखरी पड़ी हो।
जब भी जीवन में रंग बिखेरने का मन करे, बस उनके नाम की होरी याद कर लो। सब कुछ मनमोहक और मधुर हो जाता है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।

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