तेरी रहमत से प्रेमी तेरे सांवरे कृष्ण भजन

तेरी रहमत से प्रेमी तेरे सांवरे कृष्ण भजन


तेरी रहमत से प्रेमी तेरे सांवरे,
क्या से क्या हो गए देखते-देखते।
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी,
बादशाह हो गए देखते-देखते।
तेरी रहमत………..

जिनकी गिनती जहां के फकीरों में थी,
कोई खुशियाँ न जिनकी लकीरों में थी।
जो न सोचा कभी था, वही हो गया,
रंक राजा हुए देखते-देखते।
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी,
बादशाह हो गए देखते-देखते।
तेरी रहमत………..

आ गया चलके जो खाटू के गांव में,
शाम रखता उन्हें नजरों की छांव में।
शाम कृपा से खुशियों के दीपक जले,
सारे ग़म सो गए देखते-देखते।
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी,
बादशाह हो गए देखते-देखते।
तेरी रहमत………..

खाटू नगरी में चलती है ऐसी हवा,
जिसमें ग़म के मरीज़ की होती दवा।
भक्त द्वारे पे आया है ये हार के,
शाम उनके हुए देखते-देखते।
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी,
बादशाह हो गए देखते-देखते।
तेरी रहमत…………

तेरी रहमत से प्रेमी, तेरे सांवरे,
क्या से क्या हो गए देखते-देखते।
कल तलक जिनकी कोई भी हस्ती न थी,
बादशाह हो गए देखते-देखते।
तेरी रहमत…………


तेरी रहमत से प्रेमी तेरे सांवरे बहुत ही प्यारा भजन है जरुर सुने

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श्याम की रहमत जब किसी पर बरसती है, तो उसका जीवन पलभर में बदल जाता है। जो कल तक गुमनाम था, जिसकी कोई पहचान, कोई हैसियत नहीं थी, वही आज प्रभु की कृपा से बादशाह बन जाता है। यह परिवर्तन केवल सांसारिक नहीं, बल्कि आत्मा के स्तर पर भी होता है—जहाँ निराशा, अभाव और अकेलापन, श्याम की छांव में आकर तृप्ति, आनंद और सम्मान में बदल जाता है। जिन्हें दुनिया ने फकीर समझा, जिनकी किस्मत में कभी खुशियाँ नहीं लिखी थीं, वे भी श्याम की दया से रंक से राजा बन जाते हैं। जो कभी सपनों में भी न सोचा था, वही प्रभु की रहमत से हकीकत बन जाता है। खाटू के गाँव में आकर, श्याम की नजरों की छांव में बैठकर, हर दुख, हर चिंता, हर अभाव खुद-ब-खुद मिट जाते हैं। श्याम की कृपा से जीवन में खुशियों के दीप जल उठते हैं, और सारे ग़म नींद में खो जाते हैं।

खाटू नगरी की हवा में ही ऐसी दवा है, जो हर दर्द, हर हार, हर निराशा को मिटा देती है। जो भक्त हारकर, टूटकर, थककर श्याम के द्वार पर आता है, श्याम उसका हाथ थाम लेते हैं और उसे अपना बना लेते हैं। कल तक जिसकी कोई हैसियत नहीं थी, वही श्याम की रहमत से देखते-देखते बादशाह हो जाता है।

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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