गौरां ज़रा भोले को समझाना शिव पार्वती भजन
गौरां ज़रा भोले को समझाना शिव पार्वती भजन
गौरां ज़रा भोले को समझाना
धुन- दीदी तेरा देवर दीवाना
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना ॥
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
ना पानी, की कमी है, ना दूध, की कमी है ।
तो गंगा, सजाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना चंदन, की कमी है, ना केसर, की कमी है ॥
तो चन्दा, सजाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना फूलों, की कमी है, न माला, की कमी है ॥
तो नाग़, सजाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना भोजन, की कमी है, ना भोगों, की कमी है ॥
तो भांग, धतूरे की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना महलों, की कमी है, ना मंदिर, की कमी है ॥
तो पर्वत, पे रहने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना पाउडर, की कमी है, ना लोशन, की कमी है ॥
तो भस्म, रमाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
बम बम भोले
धुन- दीदी तेरा देवर दीवाना
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना ॥
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
ना पानी, की कमी है, ना दूध, की कमी है ।
तो गंगा, सजाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना चंदन, की कमी है, ना केसर, की कमी है ॥
तो चन्दा, सजाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना फूलों, की कमी है, न माला, की कमी है ॥
तो नाग़, सजाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना भोजन, की कमी है, ना भोगों, की कमी है ॥
तो भांग, धतूरे की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना महलों, की कमी है, ना मंदिर, की कमी है ॥
तो पर्वत, पे रहने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
ना पाउडर, की कमी है, ना लोशन, की कमी है ॥
तो भस्म, रमाने की, तुम्हें क्या पड़ी है ॥
समझाया तो, फिर भी, ना माना ।
भोले, छोडो, भाँग का, खाना ॥
गौरां, ज़रा, भोले को, समझाना...
बम बम भोले
#सोमवार स्पेशल भजन गौरा भोले जी से विनती कर रही हैं भोले छोड़ो भांग का खाना सुनिए शानदार भजन
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