मैं बरसाने जाना है मैनु चढ़ गया राधा रंग
मैं बरसाने जाना है मैनु चढ़ गया राधा रंग
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग,
मैनूं कुछ न सूझदा है, मैं हो गई मस्त मलंग।
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
नश्वर काया, नश्वर माया, नश्वर ये संसार,
बेकदरी रह गई दुनिया, नाहियो किसी दा यार।
इस दुनियादारी तो हो गई मैं बहुत तंग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
बरसाने दे प्रेम नगर विच, रस दे भरे खजाने,
भक्ति, शक्ति, मस्ती मिलदी, मिलदे रसिक दिवाने।
साधु सेवा, भजन-बंदगी, मिटदा है सत्संग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
ब्रिज रानी, ठकुरानी, राधा बृज मंडल आधार,
करुणामई किशोरी सरकार, कर दी सब पे प्यार।
हर बाधा हर लेंदे रहन, रासिका दे अंग-संग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
दुनियावाले दी ना सुनो, न गल-गल ते न टोको,
टूर पाई मैं बरसाने, मेरा रस्ता न कोई रोको।
बरसाने बस जाना है, एह ही मेरी उमंग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
मैनूं कुछ न सूझदा है, मैं हो गई मस्त मलंग।
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
नश्वर काया, नश्वर माया, नश्वर ये संसार,
बेकदरी रह गई दुनिया, नाहियो किसी दा यार।
इस दुनियादारी तो हो गई मैं बहुत तंग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
बरसाने दे प्रेम नगर विच, रस दे भरे खजाने,
भक्ति, शक्ति, मस्ती मिलदी, मिलदे रसिक दिवाने।
साधु सेवा, भजन-बंदगी, मिटदा है सत्संग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
ब्रिज रानी, ठकुरानी, राधा बृज मंडल आधार,
करुणामई किशोरी सरकार, कर दी सब पे प्यार।
हर बाधा हर लेंदे रहन, रासिका दे अंग-संग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
दुनियावाले दी ना सुनो, न गल-गल ते न टोको,
टूर पाई मैं बरसाने, मेरा रस्ता न कोई रोको।
बरसाने बस जाना है, एह ही मेरी उमंग,
मैं बरसाने जाना है, मैनूं चढ़ गया राधा रंग॥
Main Barsane Jaana Ae Mainu Charr Giya Radha Rang | Tinu Singh| |Phagwara|
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
भजन लेखक : सुप्रसिद्ध भजन लेखक एवम संकीर्तन आचार्य श्री केवल कृष्ण मधुप (मधुप हरि) जी अमृतसर, पंजाब
राधा के प्रेम का रंग इतनी गहराई से चढ़ गया है कि अब मन को बस बरसाने जाने की ही उमंग है। सांसारिक माया, शरीर और दुनिया की नश्वरता अब अर्थहीन लगती है; दुनियादारी से मन ऊब चुका है। अब केवल राधा के प्रेम, भक्ति और बरसाने के रस भरे वातावरण में ही सच्चा सुख और शांति दिखाई देती है। बरसाने में प्रेम, भक्ति, शक्ति और मस्ती का खजाना है, जहाँ रसिक भक्त, साधु-संत, सत्संग और भजन-बंदगी से मन तृप्त होता है। राधा—ब्रज की रानी, करुणामयी किशोरी—सब पर अपना प्रेम बरसाती हैं और हर भक्त की बाधा हर लेती हैं।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
भजन लेखक : सुप्रसिद्ध भजन लेखक एवम संकीर्तन आचार्य श्री केवल कृष्ण मधुप (मधुप हरि) जी अमृतसर, पंजाब
राधा के प्रेम का रंग इतनी गहराई से चढ़ गया है कि अब मन को बस बरसाने जाने की ही उमंग है। सांसारिक माया, शरीर और दुनिया की नश्वरता अब अर्थहीन लगती है; दुनियादारी से मन ऊब चुका है। अब केवल राधा के प्रेम, भक्ति और बरसाने के रस भरे वातावरण में ही सच्चा सुख और शांति दिखाई देती है। बरसाने में प्रेम, भक्ति, शक्ति और मस्ती का खजाना है, जहाँ रसिक भक्त, साधु-संत, सत्संग और भजन-बंदगी से मन तृप्त होता है। राधा—ब्रज की रानी, करुणामयी किशोरी—सब पर अपना प्रेम बरसाती हैं और हर भक्त की बाधा हर लेती हैं।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
