केसरिया कंवर जी बिराजे आकेली रे दरबार भजन
केसरिया कंवर जी बिराजे आकेली रे दरबार भजन
केसरिया कंवर जी बिराजे,
आकेली रे दरबार,
गोगाजी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
रायपुर तहसील गांव आकेली में,
रायपुर तहसील गांव आकेली,
बैठा दुखियों रा दातार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
सांझ सवेरे होवे आरती,
सांझ सवेरे होवे आरती,
झालर री झणकार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
कृष्ण अष्टमी रा जमला जगावे,
गोगा नवमी रो मेलो भरावे,
भक्त करे जयकार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
सांचा मन सूं जो नर ध्यावे,
सांचा मन सूं जो नर ध्यावे,
कर दे भव सूं पार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
दूध पतासा थाने चढ़ावे,
मीठा चूरमा रो भोग लगावे,
आवे जुग संसार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
पैदल यात्रा रो संघ ओ आवे,
भक्तों रे मन री आस पुरावे,
महिमा अपरम्पार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
अशोक नाथ जी शीश निवावे,
मनीष सीरवी महिमा बनावे,
मुकेश चौधरी गावे,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
केसरिया कंवर जी बिराजे,
आकेली रे दरबार,
गोगाजी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
आकेली रे दरबार,
गोगाजी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
रायपुर तहसील गांव आकेली में,
रायपुर तहसील गांव आकेली,
बैठा दुखियों रा दातार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
सांझ सवेरे होवे आरती,
सांझ सवेरे होवे आरती,
झालर री झणकार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
कृष्ण अष्टमी रा जमला जगावे,
गोगा नवमी रो मेलो भरावे,
भक्त करे जयकार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
सांचा मन सूं जो नर ध्यावे,
सांचा मन सूं जो नर ध्यावे,
कर दे भव सूं पार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
दूध पतासा थाने चढ़ावे,
मीठा चूरमा रो भोग लगावे,
आवे जुग संसार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
पैदल यात्रा रो संघ ओ आवे,
भक्तों रे मन री आस पुरावे,
महिमा अपरम्पार,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
अशोक नाथ जी शीश निवावे,
मनीष सीरवी महिमा बनावे,
मुकेश चौधरी गावे,
गोगा जी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
केसरिया कंवर जी बिराजे,
आकेली रे दरबार,
गोगाजी री ज्योता जागे,
कोई आकेली दरबार,
कंवर सा परचा भारी,
वटे दर्शन आवे नर नार।।
Gogaji New Bhajan 2026,गोगाजी री ज्योता जागे आकेली दरबार|Mukesh Choudhary,आकेली केसरिया कंवर जी भजन
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➟ : 𝐒𝐨𝐧𝐠: Gogaji Ri Jyota Jaage Akeli Darbar
➟ : 𝐒𝐢𝐧𝐠𝐞𝐫: Mukesh Choudhary
➟ : 𝐋𝐲𝐫𝐢𝐜𝐬: Manish sirvi Raipur
➟ : 𝐌𝐮𝐬𝐢𝐜: Mukesh Choudhary (Balaji Recording Studio jdp)
➟ : 𝐌𝐮𝐬𝐢𝐜 Label : Manish Sirvi Official
➟ : 𝐒𝐮𝐛 𝐂𝐚𝐭𝐞𝐠𝐨𝐫𝐲: Gogaji Maharaj New Song 2026
➟ : 𝐃𝐢𝐫𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫: kheraj jangid
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➟ : 𝐃𝐢𝐫𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫: kheraj jangid
राजस्थान की रायपुर तहसील में आकेली गांव का छोटा सा दरबार ऐसा है कि देखने वाला हर कोई रुक जाता है। केसरिया कंवर जी वहाँ विराजमान हैं। गोगाजी की ज्योत हमेशा जागती रहती है। सांझ-सवेरे आरती होती है, झालर की झणकार गूंजती है और मन अपने आप शांत हो जाता है। दुखी, परेशान, कोई भी आए, कंवर सा परचा दिखाते हैं। सच्चे मन से जो भी पुकारता है, उसकी आस पूरी हो जाती है।
कृष्ण अष्टमी पर जमला जगता है, गोगा नवमी को मेला भर जाता है। दूर-दूर से पैदल यात्रा करके लोग आते हैं। दूध-पतासा, मीठा चूरमा चढ़ाते हैं और जयकार लगाते हैं। जीवन के किसी भी संकट में, किसी भी डर में बस एक बार याद करो। बाबा दर्शन दे देते हैं, भवसागर से पार लगा देते हैं। महिमा अपरंपार है, परचा भारी है। आकेली धाम में आकर लगता है जैसे घर आ गए हों, सारा बोझ उतर गया हो।
जय श्री केसरिया कंवर जी की।
जय श्री गोगाजी महाराज जी की।
आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे।
कृष्ण अष्टमी पर जमला जगता है, गोगा नवमी को मेला भर जाता है। दूर-दूर से पैदल यात्रा करके लोग आते हैं। दूध-पतासा, मीठा चूरमा चढ़ाते हैं और जयकार लगाते हैं। जीवन के किसी भी संकट में, किसी भी डर में बस एक बार याद करो। बाबा दर्शन दे देते हैं, भवसागर से पार लगा देते हैं। महिमा अपरंपार है, परचा भारी है। आकेली धाम में आकर लगता है जैसे घर आ गए हों, सारा बोझ उतर गया हो।
जय श्री केसरिया कंवर जी की।
जय श्री गोगाजी महाराज जी की।
आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे।
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