अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम भजन
अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम भजन
अल्लाह तेरो नाम,ईश्वर तेरो नाम,
सबको सन्मति दे भगवान,
सबको सन्मति दे भगवान,
अल्लाह तेरो नाम।
माँगों का सिन्दूर ना छूटे,
माँगों का सिन्दूर ना छूटे,
माँ बहनो की आस ना टूटे,
माँ बहनो की आस ना टूटे,
देह बिना दाता देह बिना,
भटके ना प्राण,
सबको सन्मति दे भगवान,
अल्लाह तेरो नाम।
ओ सारे जग के रखवाले,
ओ सारे जग के रखवाले,
निर्बल को बल देने वाले,
निर्बल को बल देने वाले,
बलवानो को,
ओ बलवानो को दे दे ज्ञान,
सबको सन्मति दे भगवान।
अल्लाह तेरो नाम,
ईश्वर तेरो नाम,
अल्लाह तेरो नाम,
ईश्वर तेरो नाम,
अल्लाह तेरो नाम।
अल्लाह तेरो नाम,
ईश्वर तेरो नाम,
सबको सन्मति दे भगवान,
सबको सन्मति दे भगवान,
अल्लाह तेरो नाम।
Allah Tero Naam Ishwar Tero Naam: By Lata Mangeshkar - Hum Dono (1961) [General Prayers] With Lyrics
अल्लाह और ईश्वर एक ही नाम से पुकारे जाते, सबको सन्मति का आशीर्वाद देते। मांगों का सिंदूर न छूटे, मां-बहनों की आस न टूटे, देह बिना भटके न प्राण। जग के रखवाले निर्बलों को बल देते, बलवानों को ज्ञान का प्रकाश। ये प्रार्थना दिल से निकलती, जहां हर कोई एक परिवार लगे। हमें जोड़ती एकता की डोर से, करुणा का भाव जगाती, जीवन को सरल बनाती।
सबको सन्मति देकर भगवान शांति बरसाते। इश्वर का आशर्वाद हर घर रोशन करता, हर मन को प्रेम से भरता। सिखाते हैं कि नाम जपो, सबकी भलाई मांगो, तो दुनिया सुंदर लगे। ये भाव दिल छू जाते, आशा की किरण जगाते। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री अल्लाह ईश्वर जी की।
फिल्म 'हम दोनों' (1961) का यह भजन 'अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम' सांप्रदायिक सद्भाव और मानवता का एक अमर संदेश देता है। साहिर लुधियानवी द्वारा लिखित यह रचना इस बात पर जोर देती है कि ईश्वर के नाम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन परम शक्ति एक ही है। यह गीत प्रार्थना करता है कि भगवान सभी को 'सुमति' यानी अच्छी बुद्धि दें, ताकि संकीर्ण मतभेदों को भुलाकर समाज में प्रेम और शांति बनी रहे। यह भजन किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की भलाई की पुकार है।
दूसरे भाव में, यह गीत ईश्वर को 'दयावान' और 'दुखियों का सहारा' बताता है। इसमें यह संदेश छिपा है कि संसार में शांति तभी संभव है जब मनुष्य अपने अहंकार को त्यागकर दूसरों के प्रति करुणा रखे। गीत की पंक्तियाँ 'सारे जग के रखवाले' के माध्यम से यह विश्वास दिलाती हैं कि वह सर्वशक्तिमान हर जीव का ध्यान रखता है। कुल मिलाकर, यह भजन शांति, अहिंसा और एकता का एक आध्यात्मिक आह्वान है, जो आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है।
हम दोनों' (1961) हिंदी सिनेमा की एक क्लासिक ड्रामा फिल्म है, जिसे नवकेतन फिल्म्स के बैनर तले बनाया गया था। यह फिल्म अपनी अनूठी कहानी, देव आनंद के शानदार अभिनय और सदाबहार संगीत के लिए जानी जाती है।
कलाकार: देव आनंद (दोहरी भूमिका में), साधना, और नंदा मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा ललिता पवार, लीला चिटनिस और जागीरदार ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
निर्देशन: आधिकारिक तौर पर फिल्म का निर्देशन अमरजीत ने किया था, लेकिन कई स्रोतों और स्वयं देव आनंद के अनुसार, फिल्म का वास्तविक निर्देशन उनके भाई विजय आनंद (गोल्डी) ने किया था।
संगीत: संगीतकार जयदेव ने इसके लिए कालजयी धुनें तैयार की थीं और बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे।
यह कहानी द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
दो हमशक्ल: फिल्म में देव आनंद ने दो किरदारों—आनंद और मेजर वर्मा की भूमिका निभाई है, जो शक्ल से बिल्कुल एक जैसे दिखते हैं।
पहचान का संकट: युद्ध के दौरान जब मेजर वर्मा लापता हो जाते हैं और उन्हें मृत मान लिया जाता है, तब आनंद उनके परिवार को यह खबर देने जाता है।
मेजर वर्मा के परिवार वाले (उनकी बीमार पत्नी रूमा और माँ) आनंद को ही मेजर वर्मा समझ लेते हैं। रूमा की नाजुक हालत को देखते हुए आनंद सच नहीं बोल पाता और उनकी खुशी के लिए मेजर वर्मा बनकर रहने लगता है, जिससे उसके अपने निजी जीवन और प्रेमिका मीता (साधना) के साथ संबंधों में जटिलताएँ पैदा हो जाती हैं।
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