सखी ठुमक ठुमक कर नाचे मेरो मौर भजन

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे मेरो मौर भजन

सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे
मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे...
1.नन्द गांव को कृष्ण कन्हैया,नटखट नन्द
का छोरा
नीलमणि रीतू राज बसंती,रस लपंट रस
भोरा
नित नव नव लीला करे,मेरो मौर बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे
मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे...
2.निद्धिवन नाचत कुंज बिहारी,मधुबन नाच
नचईयाँ,
यमुना तट को रास रचईया,मोहन मुरली
बजईया
राधे को चितचोर सावरिया,गिरवर धारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे
मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे...
3.सर पर कलगी पंख रंगीले,नैन रसीले रे
छंन छंन करते पाँव में घुंगरू,होंठ रसीले रे
नन्द गांव से मौरकुटी में आओ,मार उडारी
रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे
मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे...
4.मधुप हरी मधुर रस बरसे,श्याम घटा
घनघोर
छंम छंम नाचे मौर मुखी,जन होई अंत
विभोर,
प्यारो ठाकुर मौर बिहारी जू की,मैं बलिहारी
रे
मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे
मौर बिहारी रे मेरो,रास बिहारी रे
सखी ठुमक ठुमक कर नाचे,मेरो मौर
बिहारी रे...
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000



ठुमक ठुमक नाचे गोपियों के संग जग का पालनहारी। Indresh ji।#katha #bhakti #bhajan #kanha #radha

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सखी, जब मौर बिहारी ठुमक-ठुमक कर नाचते हैं तो पूरा वृंदावन महक उठता है। नंद गांव के नटखट कन्हैया, नीलमणि जैसे सुंदर, बसंती रंग की पीताम्बर पहने, रस भरे होंठों वाले। उनकी हर लीला नई-नई होती है। नित नई मस्ती, नित नया खेल। यमुना किनारे रास रचाते हैं, मुरली की मीठी धुन में सबको खींच लेते हैं। राधा का चित्त चुराने वाले सांवरिया, गिरिवर धारण करने वाले, उनकी चाल में ही एक अनोखी मस्ती है।
निधिवन के कुंजों में, मधुबन में, हर जगह उनकी नाच की धुन गूंजती है। सिर पर रंगीली कलगी, नैनों में रस, पाँवों में घुंगरू छन-छन करते। जब वे नाचते हैं तो लगता है जैसे सारी प्रकृति भी उनके साथ ठुमक रही हो। मधुर रस बरसता है, श्याम घटा घनघोर छा जाती है। जो भी एक बार उनकी इस मस्ती में खो जाता है, वह अंत तक विभोर रह जाता है।
मैं तो बस इन मौर बिहारी जू की बलिहारी हूँ। उनके ठुमकते कदम देखकर दिल भी नाचने लगता है। छोटी-छोटी बातों में उनकी लीलाएँ याद आती हैं और मन हल्का हो जाता है। जीवन में जब थकान लगे, बस उनकी याद कर लो, मस्ती खुद-ब-खुद छा जाती है।
आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री कृष्ण जी की।
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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