जन्नत का नजारा है वृंदावन तुम्हारा भजन

जन्नत का नजारा है वृंदावन तुम्हारा भजन

जन्नत का नजारा है,
वृंदावन तुम्हारा गलियों में
हमने इसकी मोहन मोहन पुकारा
जन्नत का नजारा है

तुमसे लगाई यारी ठुकरा के दुनिया सारी,
अब होश नही मुझको जब से हुई तुम्हारी
जुड़ने लगा है मुझसे मोहन अब नाम तुम्हारा
जन्नत का नजारा है

मोहन आस्था से खाली कोई न जाए
हर दिल की जानता है बिगड़ी को ये बनाये
इक पल में वो तो आता जिस ने भी है पुकारा
जन्नत का नजारा है

अस्को से पाऊ धोऊ तेरे समाने मैं रोऊ
दीदार तेरा पाके दिल में तुझे समाऊ
है कौन भला तुझ बिन मोहन दुनिया में हमारा
जन्नत का नजारा है



Jannat Ka Nazara Hai Vrindavan Tumhara - Laj Girdhar | Krishna Bhajan | Sanskar Bhajan

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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