अब तो मन लगा ले हरी सुमिरन में भजन

अब तो मन लगा ले हरी सुमिरन में भजन

अब तो मन लगा ले हरी सुमिरन में,
छूट जाएंगे जग के सारे बंधन,
अब तो मन लगा ले हरी सुमिरन में,

झूठा धन, झूठा तन, झूठी है माया,
साँचा सुख है चरणन में, हरी सुमिरन में।
छोड़ सारे मोह माया को , हरी सुमिरन में,
राह सूझे तुझे आगे की, हरी सुमिरन में॥

मंदिर में खोजे मूढ़ जन, हरी सुमिरन में,
घट में बैठा है तेरा मोहन, हरी सुमिरन में।
आँख मूँद मत खोज उसे, हरी सुमिरन में,
अपने घट का दरश कर, हरी सुमिरन में॥

कहे दास, सुन रे बन्दे, हरी सुमिरन में,
यहीं स्वर्ग यही मुक्ति, हरी सुमिरन में।
जब तक साँस चले सुमिर, हरी सुमिरन में,
रखियो प्रीत का बंधन हरी सुमिरन में॥

अब तो मन लगा ले हरी सुमिरन में,
छूट जाएंगे जग के सारे बंधन, 
अब तो मन लगा ले हरी सुमिरन में,


Aub To Man Laga Le Hari Sumiran Me Devotional 2026 Bhajan

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Song : Aub To Man Laga Le Hari Sumiran Me
Lyrics : Saroj Jangir (Lyricspandits)
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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