निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना

निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना

निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना,
ज़माने की कोई भी परवाह नहीं होती।
अगर श्याम संग तुमने मेरा जो छोड़ा,
कसम है तेरी, ये न साँसे रहेगी।।

मुझे अपनी बगिया का फूल समझ न,
मैं जो भी हूँ, जैसा भी हूँ, भूल समझना।
पड़ा रहने दे मुझको चरणों में अपने,
मेरी ओर परेशानी न होगी।।

मेरी भक्ति पूजा की तुलना न करना,
बिछा दूँगा तन-मन, यही न समझना।
मैं पहले ही कर्मों से अपने दुखी हूँ,
मैं रुकूँगा, तकलीफ़ तुझको भी होगी।।

दया का है सागर तू, भाव पहचानें,
जो तेरा है, उसको तू आप संभाले।
मैं गफलत में जीता रहा श्याम मेरे,
जिन्हें समझा अपना, सब निकले वो लोभी।।

ना अब कोई इच्छा, न कोई तमन्ना,
रहूँ तेरी छाया और चरणों में पलना।
मैं तेरा हूँ, तेरा हूँ, तेरा रहूँगा,
किसी भी गवाह की ज़रूरत न होगी।।
निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना...।।


निगाहें मिलाकर गर बदले ज़माना | Lyrical श्याम भजन | by R Kumar | Nigaahein Mila Kar | Video

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Song: Nigaahein Mila Kar Gar Badle Zamana
Singer: R Kumar (9212607899) 
Music: Dack Dev
Lyricist: R Kumar
Video: Shyam Creations
Category: Hindi Devotional ( Shyam Bhajan)
Producers: Amresh Bahadur, Ramit Mathur

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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