Anil Nagori Bhajan Lyrics Anil Nagori ke Bhajan

थारे घट में विराजे भगवान

थारे घट में विराजे भगवान   थारे घट में विराजे भगवान, बाहर काई जोवती फिरे। नो नहाई नौरता दसवें नहाई काती, हरी नाम की सुध नही लेवे, फिरे गलियो...

Saroj Jangir

लिख दो म्हारे रोम रोम में भजन

लिख दो म्हारे रोम रोम में भजन संत हमारी आत्मा और, मैं संतन की देह, रोम रोम में रम रह्या, प्रभु ज्यूँ बादल बीच महेश, लिख दो म्हारें रोम रोम म...

Saroj Jangir 2

काँटो लाग्यो रे सतसंगत में भजन भजन

काँटो लाग्यो रे सतसंगत में भजन एक घड़ी, आधी घड़ी, और आधी में पूणिआध, तुलसी सतसंग संत की, कटे करोड़ अपराध, तपस्या बरस हजार की, और सतसंग की पल एक...

Saroj Jangir 1

जाती रो कारण है नही संतो पूछ लीजिये ज्ञान भजन

जाती रो कारण है नही संतो पूछ लीजिये ज्ञान भजन   जाती ना पूछो संत की, पूछ लीजिये ज्ञान, मोल करो तलवार को, पड़ी रहन दो म्यान। जाति रो कारण, नही...

Saroj Jangir

किण ने सुणाऊँ गुरु ज्ञान भजन

किण ने सुणाऊँ गुरु ज्ञान भजन   कबीरा सोया क्या करे, उठ भजे भगवान, जम जब धर ले जाएंगे, पड़ी रहेगी म्यान। सुण सुण म्हारां मनवा बीर, ऐड़ी नहीं कर...

Saroj Jangir

उण घर ज्याई ज्ये बैरण निंदरा मीनिंग

उण घर ज्याई ज्ये बैरण निंदरा भजन   यह भजन राजस्थानी भाषा का एक पारम्परिक चेतावनी भजन है जिसे भरतरी भजन भी कहा जाता है। निंदरा से आशय अज्ञान ...

Saroj Jangir

हेली म्हारी निर्भय रहीजे रै मीनिंग

हेली म्हारी निर्भय रहीजे रै मीनिंग   राम किसी को मारे नहीं, और ना हत्यारा राम, अपने आप मर जावसी, भाई कर कर खोटा काम। हेली म्हारी निर्भय रहीज...

Saroj Jangir 2

हम पंछी परदेशी मुसाफ़िर आये हैं सैलानी भजन

हम पंछी परदेशी मुसाफ़िर आये हैं सैलानी भजन   कबीर मन पंछी भया, भावे तो उड़ जाय, जो जैसी संगती करें, वो वैसा ही फल पाय, (कबीर तन पंछी भया, जहां...

Saroj Jangir 1

नीच नीचता त्यागे कोनी मीनिंग

नीच नीचता त्यागे कोनी मीनिंग अभिमान से जात है, राज जोर (तेज़ ) और वंश, (अभिमान से जात है, राज तेज और वंश । तीनों ताला दे गया रावण , कौरव , क...

Saroj Jangir 1

मारवाड़ रो पीर बाणीयो जाए रे समंद

मारवाड़ रो पीर बाणीयो जाए रे समंद री तीर भजन   राम कहूँ के रामदे, हीरा कहूं के लाल, ज्याने मिल गया रामदेव, पल में कीन्हा निहाल, मारवाड़ रो प...

Saroj Jangir

सूता शेर जंगल का राजा उसे जगाणा ना चाहिए

सूता शेर जंगल का राजा उसे जगाणा ना चाहिए भजन   सुता सुता क्या करों, और सुता ने आवें नींद जम सिराणे आय खड़ा ज्यूँ तोरण आया बींद (दूल्हा), सूता...

Saroj Jangir