जब भी नैन मूंदो जब भी नैन खोलो भजन
जब भी नैन मूंदो जब भी नैन खोलो भजन जब भी नैन मुंदो, जब भी नैन खोलो, राधे कृष्णा बोलो, राधे कृष्णा बोलो, जय राधे कृष्णा, जय राधे कृष्णा, जय र...
जब भी नैन मूंदो जब भी नैन खोलो भजन जब भी नैन मुंदो, जब भी नैन खोलो, राधे कृष्णा बोलो, राधे कृष्णा बोलो, जय राधे कृष्णा, जय राधे कृष्णा, जय र...
अयोध्या करती है आव्हान ठाट से कर मंदिर निर्माण राम भूमि की जय हो, जन्म भूमि की जय हो, राम लला की जय हो, अयोध्या करती है आव्हान, ठाट से कर मं...
गौरी गौरांगी मैया शिव की अर्धांगी मैया गौरी गौरांगी मैया, शिव की अर्धांगी मैया। मिलके उतारे तेरी आरती, जगदम्बे मिलके उतारे तेरी आरती।। चि...
मानव अपने सपने संजोएं विधिना अपनी चाल पल में सब कुछ हुआ रे पराया, ममता हाथ मले, मानव अपने सपने संजोएं, विधिना अपनी चाल चले, हृदयों के फूलो...
अयोध्या करती है आव्हान भजन राम भूमि की जय हो, जन्म भूमि की जय हो, राम लला की जय हो, अयोध्या करती है आव्हान, ठाट से कर मंदिर निर्माण, अयोध्...
ऐसे भक्त कहाँ कहाँ जग मे ऐसे भगवान ऐसे भक्त कहाँ, कहाँ जग मे ऐसे भगवान, काँधे पर दो वीर बिठाकर, चले वीर हनुमान, दुर्गम पर्वत मारग पे, निज ...
सीताराम दरश रस बरसे सीताराम दरश रस बरसे, जैसे सावन की झड़ी, चहुँ दिशि बरसें राम रस, छायो हरस अपार, राजा रानी की करें, सब मिल जय जयकार, कौशल...
पारस रे तेरी कठिन डगरियां किस विधि मैं भजन पारस रे तेरी कठिन डगरियां, किस विधि मैं तोहे पाऊँ रे साँवरियां, कठिन तेरा जिन रूप में आना, कठिन...
तूने सब कुछ दिया भगवान भजन तूने सब कुछ दिया भगवान, तेरी लीला बड़ी महान, मिटटी को तूने प्राण दिए प्राणो में आके आप बसे, घट घट में तेरी शान...
Ramayan Bhajan Aise Bhakt Kaha Bhajan ऐसे भक्त कहाँ, कहाँ जग मे ऐसे भगवान, काँधे पर दो वीर बिठाकर, चले वीर हनुमान, दुर्गम पर्वत मारग पे, न...
हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की ओम श्री महा "गं" गणपतये नमह (नमः), ओम् श्रीं उमामहेश्वराभ्यां नमह (नमः), वाल्मीकि गुरु देव ने, ...
रामायण भजन नारायण के दर्शन होंगे भजन पवन पुत्र के संग में, उड़ चलो पंख पसार, गरुण राज पुलकित हृदय, मन में करत विचार, नारायण के दर्शन हो...
रामायण भजन राम सिया युग युग के साथी विधि न तेरी लेखनी निष्ठुर निर्मम क्रूर जो सपने हो नहीं दूर रहे कर दिया उनको दूर विधि न तेरे लेख कि...
रामायण भजन यही रात अंतिम यही रात भारी भजन यही रात अंतिम यही रात भारी, बस एक रात की अब कहानी है सारी, यही रात अंतिम यही रात भारी, नहीं बंधु ब...
रामायण भजन सीताराम दरष रस बरसे सीताराम दरष रस बरसे, जैसे सावन की झड़ी, चहुँ दिशि बरसे राम रस, छायों हरस अपार, राजा रानी की करे, सब मिल जय ज...
रामायण भजन वन वन भटके राम वन वन भटके राम, वन वन भटके राम, आश्रम देखि जानकी हीना, भए बिकल जस प्राकृत दीना, विरह व्यथा से,व्यतीत द्रवित हो, ...
विधिना तेरे लेख किसी के समझ ना आते भजन ब्याकुल दशरथ के लगे, रच के पच पर नैन, रच बिहीन बन बन फिरे, राम सिया दिन रैन, विधिना तेरे लेख किसी क...