महाजाल गोवर्धनधारी हम आए शरण तिहारी भजन
महाजाल गोवर्धनधारी हम आए शरण तिहारी भजन
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी,
हम आए शरण तिहारी....
तुम नंद गांव के नटखट हो और नंद बाबा के नटवर हो
आओ मोहन भोग लगाओ धारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
माथे पर मुकुट बिराजत है, कानों में कुंडल साजत है,
ये मुख में सोहे मुरली प्यारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
अंग पीतांबर पहनत है, हाथों में हथफ़ूल साजत है,
ये गल कुंजन मालाधारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
भोजन तैयार कराती हूं और छप्पन भोग बनाती हूं
आओ भोग लगाओ गिरवरधारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
हम आए शरण तिहारी....
तुम नंद गांव के नटखट हो और नंद बाबा के नटवर हो
आओ मोहन भोग लगाओ धारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
माथे पर मुकुट बिराजत है, कानों में कुंडल साजत है,
ये मुख में सोहे मुरली प्यारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
अंग पीतांबर पहनत है, हाथों में हथफ़ूल साजत है,
ये गल कुंजन मालाधारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
भोजन तैयार कराती हूं और छप्पन भोग बनाती हूं
आओ भोग लगाओ गिरवरधारी, हम आए शरण तिहारी,
श्री मदन मोहन गोपाल काट महाजाल गोवर्धनधारी......
Hum Aaye Sharan Tumhari - हम आये शरण तिहारी
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भगवान कृष्ण को कई अन्य नामों जैसे नटवर, श्याम, कन्हैया, गोपाल के साथ मदन मोहन के नाम से भी जाना जाता है. इस भजन में भक्त मदन मोहन से कह रहे हैं कि वह आपकी शरण में आ गये हैं तो आप ही उनका भला करो. नंद गाँव के नटखट मोहन, नंद बाबा के नटवर नंदलाल, शरण में आए हैं चरणों में। माथे पर मुकुट चमके, कानों में कुंडल झिलमिलाए, मुरली मधुर बजे जो मन मोह ले। पीतांबर अंग पर लहराए, हाथों में फूल सजाए, कुंज माला गले में ढलकाए। साधकों को इश्वर का आशीर्वाद गोवर्धनधारी की लीला से मिलता है, जैसे कोई अपना घर बुलाए प्यार से।
भोग लगाओ गिरवरधारी को, छप्पन व्यंजन सजाओ स्नेह से। मदन मोहन महाजाल काटें, हर बंधन तोड़ दें कृपा की धार से। भोजन बनाते हुए मन भर आए, बस दर्शन पा लें तो जीवन सध जाए। जैसे माँ लाडले को थामे न छोड़े, वैसे साथ निभाएँ हर कदम पर। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मदन मोहन जी! जय श्री गोपाल जी! जय श्री कृष्ण जी!
भोग लगाओ गिरवरधारी को, छप्पन व्यंजन सजाओ स्नेह से। मदन मोहन महाजाल काटें, हर बंधन तोड़ दें कृपा की धार से। भोजन बनाते हुए मन भर आए, बस दर्शन पा लें तो जीवन सध जाए। जैसे माँ लाडले को थामे न छोड़े, वैसे साथ निभाएँ हर कदम पर। आप सभी पर इश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री मदन मोहन जी! जय श्री गोपाल जी! जय श्री कृष्ण जी!
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