साँवरिया थारी प्रीत में
साँवरिया थारी प्रीत में
मैं दीवानी श्याम की,श्याम मोरे सिरमौर,
रोम रोम में बस रयो,
म्हारे नन्द किशोर।
लत लागी थारी गिरधारी,
तन मन की सुध खो दी सारी,
सांवरिया मने थारे आगे,
सारो यो जग फीको लागे,
दुनिया सारी भूल भुला के,
जोगन हो गई रे,
सांवरिया थारी प्रीत में,
बैरागन हो गई रे,
लत लागी थारी गिरधारी,
तन मन की सुध खो दी सारी।
हटारो नाम लिखूं मैं,
हर दम थारो ही मैं बाँचूँ,
थारे आगे मैं सांवरिया,
बाँध घूंघरा नाचूं,
मैं मीरा थारे गिरधारी,
अर्पण हो गई रे,
सांवरिया थारी प्रीत में,
बैरागन हो गई रे।
मैं हूँ प्रेम दीवानी मीरा,
म्हारो प्रेम क़बूलो,
म्हारी नैया पार लगाओ,
श्याम मने मत भूलो,
फूलों में ढूंढूं चाहे कलियों में,
सांवरिया सांवरिया,
पुकारूँ गलियों में,
सांवरिया थारी प्रीत में,
बैरागन हो गई रे।
पियो ज़हर को प्यालो,
लेकर नाम सांवरा थारो,
थारे ही कारण नन्द लाला,
जनम सुधरियो म्हारो,
मैं भव पार सांवरा,
थारे कारण हो गई रे,
सांवरिया थारी प्रीत में,
बैरागन हो गई रे।
गोविन्द मेरो है,
गोपाल मेरो है,
वो तो राधा रमण,
नन्द लाल मेरो है।
Sanwariya Thari Preet Mein | साँवरिया थारी प्रीत में | New Krishna Bhajan 2021 | Sona Jadhav
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