नुगरा कोई मत रेवणा जी भजन
नुगरा कोई मत रेवणा जी भजन यह एक निर्गुणी भजन है जो प्रकाश माली जी के द्वारा गाया गया है। यह भजन कबीर साहेब की वाणी से प्रभावित है जिसमे व्...
नुगरा कोई मत रेवणा जी भजन यह एक निर्गुणी भजन है जो प्रकाश माली जी के द्वारा गाया गया है। यह भजन कबीर साहेब की वाणी से प्रभावित है जिसमे व्...
मत ले रे जीवड़ा नींद हरामी भजन सत श्री साहेब। यह निर्गुणी /चेतावनी भजन कबीर साहेब की वाणी से प्रभावित राजस्थानी भजन है जिसमे यह बताने/सम...
चार नयन समझाऊँ पियाजी कबीर भजन एजी सतसंग की आधी घड़ी, और सुमिरण वर्ष पचास, बरसा बरसे एक घड़ी, अरहट बारा मास, तो सिमरण में मन लाइए, जैसे कामी ...
जे वो देणा जाणे सै वो लेणा भी जाणे सै भजन जे वो देणा जाणे सै, वो लेणा भी जाणे सै, जै वो देणा जाणे सै, वो लेणा भी जाणे सै, बंदे क्यां की क...
समझ मन माँयला रै थारी मैलौड़ी चादर धोय समझ मन माँयला रै (अंदर का मन ), थारी मैलौड़ी चादर धोय, बिन धोयाँ रंग चढ़े रै, तिरणो (तैरना) किस बिध हो...
सुरता होज्या नी भजन वाळी लार दिखाऊँ थाने राम भजन संगति कर लीज्यो संत री, और काई नुगरों (दुष्ट) सै काम, नुगरों ले जावै नारगी (नर्क ) संत मि...
छैल चतुर रंग रसिया रै भँवरा भजन छैल चतुर रंग रसिया रै भँवरा, छैल चतुर रंग रसिया रै भँवरा, पर घर प्रीत मत कीजै, पराई नार आ नैण कटारी, रूप द...
पर घर प्रीत मत कीजै भजन चोरी चुग़ली दामिनी,और पराई नार, जै चावै नर जीवणो, बाता तज दे चार, छैल चतुर रंग रसिया रे भँवरा, पर घर प्रीत मत कीजै,...
मैं क्या जानूँ राम तेरा गौरख धंधा कबीर खड़ा बाज़ार में, सबकी माँगे ख़ैर, ना काहू से दोस्ती, और ना काहूँ से बैर, काछवा काछवी कारणे, बिन बादळ ब...
उमरियाँ जावे (गोविन्द रा गुण गाय बीरा म्हारां ईश्वर रा गुण गाय गोविन्द रा गुण गाय, बीरा म्हारां ईश्वर रा गुण गाय, उमरिया जावे छै जी जावे छ...
थाने राम देव परणावे परणीजो भाटी भजन थाने राम देव परणावे, परणीजो भाटी हरजी, इन रे जुगड़ा में सगाई मत करो बापजी, थाने राम देव परणावे, परणीजो ...
मैं बरसाने की राधा तू नन्द गाम ग्वाला सै मैं बरसाने की राधा तू नन्द गाम (गाँव) ग्वाला सै, मैं गोरी गोरी गुजरी तू घणा काला सै (है), तू मटकी...
एक एक बार सब सँग बीती तुम जाणों भजन मजबूत बणा रखणा मन में, दिल को दुःख दरियाव दरसावणा नाईं, चलणों रीत बडेरा (बुजुर्ग ) की, बिन स्वार्थ बैर...
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार भजन ऐसो नहीं है जनम बारम्बार, पूरब ले ( पूर्व के ) पुण्य पायो रे प्राणी, मानुष जनम अवतार, गरब में तुम कौल कियो रे...
जाग रे नर जाग दिवाना अब तो बन्दा जाग सुता सूता क्या करो, और गोविन्द रा गुण गाय, तेरे सर जम खड़ा, और खुरच खुरच ने खाय, जाग रे नर जाग दिवाना,...
पेहला जेड़ा प्रेम हमेशा नहीं रहवे रे भजन रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय, टूटे सो फिर ना जुड़े, जुड़े तो गाँठ पड़ जाय, मीठो बोलण नींव चलण,...
समय को भरोसो कोनी कद पलटी मार जावें भजन क्या होता क्या होत है, एक ज़रा सी देर में, दिन पलटता देर ना लागे, इस जिंदगी के फ़ेर में, कदे कदे ग...
राम सुमर ले सुकरत कर ले प्रथम निवण मेरे मात पिता ने, जिनसे रचियो शरीर, दूजो नीवण म्हारां गुरुदेव ने, तो कियो भजन में सीर (हिस्सेदारी ) त...