जय सरस्वती मैया हम ध्यान लगाते हैं

जय सरस्वती मैया हम ध्यान लगाते हैं Jay Saraswati Maiya Saraswati Mata Bhajan

 
जय सरस्वती मैया हम ध्यान लगाते हैं लिरिक्स Jay Saraswati Maiya Lyrics, Saraswati Mata Bhajan

जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं,
हमें ध्यान लगाते हैं,
मां तुम्हें मनाते हैं,
जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं।

मैंने ध्यान किया मैया,
मेरे कंठ विराजो मां,
तुम पार करो नैया,
तेरे दर पर आए हैं,
जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं।

तुझे पूजे सारी दुनिया,
तेरे दर पर आते हैं,
तुझे पूजे वो मैया,
मुंह मांगा फल पाते हैं,
जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं।

धन धान्य ना मेरा है,
मां सब कुछ तेरा है,
जो सबको दिया मैया,
वह मुझको भी देना,
जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं।

जब भीड़ पड़ी भक्तों पर,
मां तू ने सहारा दिया,
तेरे भगत खड़े दर पर,
तुम उनको को दर्शन दो,
जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं।

जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं,
हमें ध्यान लगाते हैं,
मां तुम्हें मनाते हैं,
जय जय सरस्वती मैया,
हम ध्यान लगाते हैं।

जय जय सरस्वती मैया हम ध्यान लगाते हैं jai jai saraswati maiya

देवी सरस्वती ज्ञान, विद्या, संगीत और कला का वरदान देने वाली माता रानी हैं। सरस्वती माता प्रायः श्वेत वस्त्रों में सज्जित, हाथ में वीणा और पुस्तक धारण किए, कमल के फूल पर विराजमान होती हैं। उनकी उपासना से अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर मार्गदर्शन मिलता है। ब्रह्मा की पत्नी और विष्णु की पुत्री के रूप में उनकी दो स्वरूपों का वर्णन है। उनकी पूजा विशेष रूप से बसंत पंचमी के दिन की जाती है, जो ज्ञान और विद्या के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है

मां सरस्वती ज्ञान, बुद्धि, कला और संगीत की देवी हैं, जिनका ध्यान और पूजन उन सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो जीवन में शिक्षा, समझ, और मानसिक शांति की कामना करते हैं। उनके ध्यान और मंत्रों के जाप से मन में एकाग्रता, स्मरण शक्ति और अध्ययन की क्षमता बढ़ती है। यह दिव्य शक्ति न केवल व्यक्ति को शैक्षिक उन्नति देती है, बल्कि उसके व्यक्तित्व की सौंदर्यता और आत्मिक चेतना को भी विस्तार देती है। मां सरस्वती का स्वरूप श्वेत वस्त्रधारी, वीणा वादिनी और कमल पर विराजमान होता है, जो उसकी शुद्धता और ज्ञानोस्मृति का प्रतीक है। 

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