आनंद का नहीं ठिकाना मेरे बाबा के दरबार में

आनंद का नहीं ठिकाना मेरे बाबा के दरबार में

आनंद का नहीं ठिकाना,
मेरे बाबा के दरबार में।

कोए नाचे, कोए गावै,
कोए पेट पिलण्या आवै स,
आवण की दरखास लगावै,
कोए अपणी अर्जी लावै स,
कोए गोद भराक जावै,
कोए बैठा स इंतजार में,
आनंद का नहीं ठिकाना,
मेरे बाबा के दरबार में।

मेंहदीपुर के बालाजी तूं,
सच्चा स न्यारी हो,
मेंहदीपुर के बालाजी,
तन्नै जाणे दुनिया सारी हो,
जिसपे दया हो तुम्हारी,
वो कोना रह हार में,
आनंद का नहीं ठिकाना,
मेरे बाबा के दरबार में।

प्रेतराज और भैरव बाबा,
सबके संकट काटं स,
जो कोए उसके दर पै,
आज्या सबके साटे साटं स,
यो सबके दुख ने काटै,
जो कोए आगया इसकी आड़ में,
आनंद का नहीं ठिकाना,
मेरे बाबा के दरबार में।

कह मुरारी दर तेरे की सब तं,
न्यारी माया स,
दया धर्म जिसके मन में,
उस पै तेरी छाया स,
तूं घाटे के महां आया या,
धूम मची संसार में,
आनंद का नहीं ठिकाना,
मेरे बाबा के दरबार में।

आनंद का नहीं ठिकाना,
मेरे बाबा के दरबार में।



Anand Ka Nahi Thikana | Narender Kaushik Hit Balaji Bhajan | Mehandipur Balaji | 2017 Latest Bhajan

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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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