राह कौन सी जाऊँ मैं अटल बिहारी
राह कौन-सी जाऊँ मैं अटल बिहारी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि भी रहे है...
राह कौन-सी जाऊँ मैं अटल बिहारी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि भी रहे है...
युद्ध नहीं जिनके जीवन में रामधारी सिंह दिनकर युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बहुत अभागे होंगे या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे हो...
महाकवि रामधारी सिंह दिनकर जानिये प्रसिद्ध कविताएं रामधारी सिंह दिनकर हिंदी साहित्य के ऐसे महान कवि और लेखक थे, जिनकी लेखनी में सूर्य की तरह ...
रामधारी सिंह 'दिनकर' (23 सितंबर 1908 – 24 अप्रैल 1974) हिंदी साहित्य के महान कवि, लेखक और निबंधकार रहे हैं, जिन्हें 'राष्ट्रकवि...
क्या खोया क्या पाया जग में भजन क्या खोया, क्या पाया जग में मिलते और बिछुड़ते मग में मुझे किसी से नहीं शिकायत यद्यपि छला गया पग पग म...
गीत नया गाता हूँ श्री अटल बिहारी बाजपई जी की "अटल" रचना "गीत नए गाता हूँ" के बोल निचे दिए गए हैं, आपको अवश्य ही पसंद आएग...
एक बरस बीत गया अंतर्घट रीत गया अटल बिहारी बाजपेई झुलासाता जेठ मास शरद चांदनी उदास सिसकी भरते सावन का अंतर्घट रीत गया एक बरस बीत गया स...
अटल बिहारी बाजपेयी राह कौन सी जाऊँ मैं चौराहे पर लुटता चीर प्यादे से पिट गया वजीर चलूँ आखिरी चाल कि बाजी छोड़ विरक्ति सजाऊँ? राह कौन सी जा...
जीवन बीत चला अटल बिहारी बाजपई कल कल करते आज हाथ से निकले सारे भूत भविष्य की चिंता में वर्तमान की बाज़ी हारे पहरा कोई काम न आया रसघट रीत चला...
दूर कहीं कोई रोता है अटल बिहारी बाजपेयी तन पर पैहरा भटक रहा मन, साथी है केवल सूनापन, बिछुड़ गया क्या स्वजन किसी का, क्रंदन सदा करूण होता है...
कदम मिलाकर चलना होगा अटल बिहारी बाजपेयी बाधायें आती हैं आयें घिरें प्रलय की घोर घटायें, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालायें, ...