ओ मैया सज धज के बैठी करके सोलह श्रृंगार
ओ मैया, सज-धज के बैठी,
करके सोलह श्रृंगार,
आई घर जो मेरे,
लाई खुशियां अपार।।
तू ही माँ लक्ष्मी, तू ही भद्रकाली,
तू ही अविनाशी, तू ही शेरोवाली,
हो मैया, संकट के आड़े,
रहती हरदम तैयार,
आई घर जो मेरे,
लाई खुशियां अपार।।
ऊँचे भवन से उतर आई देखो,
आओ सभी, तुम भी मैया से कह दो,
हो मैया, यूं ही हमेशा,
करना हमको दुलार,
आई घर जो मेरे,
लाई खुशियां अपार।।
अर्जी है मेरी यही, माता रानी,
चरणों में रखना मुझे, महारानी,
हो मैया, नेहा ये चाहे,
करना तेरा दीदार,
आई घर जो मेरे,
लाई खुशियां अपार।।
ओ मैया, सज-धज के बैठी,
करके सोलह श्रृंगार,
आई घर जो मेरे,
लाई खुशियां अपार।।
सोलह श्रृंगार - Prateek Mishra - Solah Shringar - Laai Khushiyaan Hazaar - Navratri Bhajan