माँ के नाम वाला अमृत, जो पी ले एक बार, होगा बाल न बाँका, चाहे बैरी हो संसार, रक्षा आप सरल,
बन ढाल करती, शेरावाली अपने, भक्तों को निहाल करती।।
'लक्खा' लाखों के बदल डाले, लिखे माँ ने लेख, टाटा नगर वाले 'शर्मा' की, ओर भी तो देख, ना संभाल करती, ना ख्याल करती, शेरावाली अपने, भक्तों को निहाल करती।।
Khushaal Karti By Lakhbir Singh Lakkha [Full Song] I Meri Maa Ke Liye यह भजन माँ शेरावाली की कृपा और भक्तों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। माँ अपने भक्तों को निहाल करती हैं, उनके दुखों को हरती हैं और कठिनाइयों को हल कर देती हैं। जो भी भक्त सच्चे मन से माँ के द्वार आता है, वह माँ की कृपा से भरपूर झोली लेकर लौटता है। माँ की महिमा अपरंपार है और वे बिना किसी भेदभाव के भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।