तेरी चौखट पे जन्नत का नज़ारा हमने देखा

तेरी चौखट पे जन्नत का नज़ारा हमने देखा

(मुखड़ा)
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
कहा कब हो रहा किससे,
इशारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।

(अंतरा)
मेरे दो नैन हैं लेकिन,
तुम्हें लाखों में देखा है,
बदनसीबों के हाथों की,
बदल देती तू रेखा है,
सोई किस्मत जहां जगती,
वो द्वारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।

मेरा दो दिन का ये जीवन,
तेरी पूजा के लिए कम है,
ना छोड़ूंगा मां तेरा दामन,
जब तक दम में दम है,
तेरे दर पे ग़रीबों का,
गुज़ारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।

निगाहें ज़र्रे ज़र्रे पे,
रहे तेरी निरंतर मां,
भिखारी हो या राजा हो,
कभी करती ना अंतर मां,
कश्तियों को कहां मिलता,
किनारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।

(पुनरावृत्ति)
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है,
कहा कब हो रहा किससे,
इशारा हमने देखा है,
तेरी चौखट पे जन्नत का,
नज़ारा हमने देखा है।।


Teri Chaukhat Pe

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माँ की चौखट वह पवित्र स्थल है, जहाँ भक्त को जन्नत का नज़ारा दिखाई देता है, एक ऐसा दृश्य जो उसके हृदय को प्रेम और श्रद्धा से भर देता है। यहाँ माँ की कृपादृष्टि हर भक्त के लिए समान है, चाहे वह भिखारी हो या राजा, और उनकी निगाहें हर ज़र्रे पर निरंतर रहती हैं। भक्त अपने दो नैनों से माँ को लाखों रूपों में देखता है, और उसकी शक्ति को उस चमत्कार के रूप में अनुभव करता है, जो बदनसीबों की किस्मत की रेखाएँ बदल देती है। यह भक्ति का वह स्वरूप है, जो माँ के दर को एक ऐसी शरणस्थली बनाता है, जहाँ हर कश्ती को किनारा मिलता है, और हर हृदय में माँ की कृपा का प्रकाश जगमगाता है।

भक्त का यह जीवन, चाहे कितना भी छोटा हो, माँ की पूजा और उनके दामन को थामने के लिए समर्पित है। वह माँ के दर पर गरीबों का गुज़ारा और उनकी दया का वह इशारा देखता है, जो उसके जीवन को सार्थक बनाता है। माँ की चौखट पर वह अनुभव करता है कि उसका हर दुख, हर संकट माँ की कृपा में विलीन हो जाता है, और उसका मन उनकी भक्ति में पूरी तरह डूब जाता है। यह भक्ति का वह भाव है, जो माँ के दर को जन्नत से भी बढ़कर बनाता है, और भक्त को यह विश्वास दिलाता है कि जब तक दम में दम है, माँ का साथ और उनकी कृपा उसके जीवन का सबसे बड़ा आधार रहेगा।
 
माता रानी की पूजा, विशेषकर नवरात्रि के दौरान, जीवन में कई सकारात्मक बदलाव लाती है। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, विधि-विधान से माता रानी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली का आगमन होता है। माता के आशीर्वाद से व्यक्ति के सभी कष्ट, संकट और बाधाएँ दूर हो जाती हैं, और उसके जीवन में धन, वैभव तथा पारिवारिक शांति आती है। पूजा और साधना से मन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और धैर्य का संचार होता है, जिससे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना भी सहजता से कर पाता है। माता रानी की कृपा से करियर में उन्नति, आर्थिक लाभ और पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बढ़ता है। नवरात्रि में की गई पूजा और कन्या पूजन से घर में बरकत, शुभता और संतुलन बना रहता है, जिससे पूरे परिवार को चमत्कारी और सकारात्मक बदलाव का अनुभव होता है।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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