अपने सीने दयालु मुझको लिपटाइए

अपने सीने दयालु मुझको लिपटाइए

(मुखड़ा)
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए,
मेरे हालात पे,
कुछ तरस खाइए,
तरस खाइए,
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए।।

(अंतरा)
मेरे बस में अगर,
कुछ भी होता प्रभु,
आपके आगे फिर क्यों,
मैं रोता प्रभु,
मेरी उलझन को अब,
श्याम सुलझाइए,
सुलझाइए,
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए।।

दर के आचक पे कुछ तो,
दया कीजिए,
दिल के जख्मों पे मरहम,
लगा दीजिए,
बस दिलासों से हमको,
ना बहलाइए,
ना बहलाइए,
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए।।

मैंने देखा सभी का,
कि बनकर प्रभु,
ठेस ही बस लगी,
मेरे दिल को प्रभु,
आप तो कम से कम,
मुझको अपनाइए,
श्याम अपनाइए,
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए।।

आप ही फेर लेंगे,
जो माधव नजर,
आप ही बोलिए,
जाएंगे हम किधर,
अपने दर से ना हमको,
यूं छिटकाइए,
यूं छिटकाइए,
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए।।

(पुनरावृति)
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए,
मेरे हालात पे,
कुछ तरस खाइए,
तरस खाइए,
अपने सीने दयालु,
मुझको लिपटाइए।।


Apne Seene Dayalu | अपने सीने दयालु | Shyam Baba New Bhajan | Abhishek Nama

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एक ऐसी करुणा भरी उपस्थिति है, जो भक्त के दुख-दर्द को समझती है और उसे अपने आलिंगन में समेट लेती है। यह वह दयालु शक्ति है, जो हृदय की हर पीड़ा को देखती है और उसे शांत करने का वचन देती है। भक्त का मन जब संसार की उलझनों में फंस जाता है, जब हर ओर से निराशा और ठेस मिलती है, तब वह उस परम सत्ता के सामने अपनी व्यथा रखता है। यह पुकार केवल सहायता की नहीं, बल्कि एक गहरे विश्वास की है, जो यह मानता है कि उस दयामयी शक्ति के बिना कोई और रास्ता नहीं। वह आलिंगन, जो भक्त मांगता है, केवल शारीरिक नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और समर्पण का प्रतीक है, जो उसे सांसारिक दुखों से मुक्ति दिलाता है।

यह भक्ति का वह भाव है, जहां भक्त अपनी हर कमजोरी, हर उलझन को उस परम सत्ता के सामने रख देता है, यह जानते हुए कि वही उसका एकमात्र सहारा है। वह न तो झूठे दिलासों में विश्वास करता है, न ही सांसारिक मायावी आश्वासनों में। उसकी एकमात्र याचना है कि उसे उस दयालु शक्ति का साथ मिले, जो उसके हृदय के घावों पर मरहम लगाए और उसे अपने निकट रखे। यह वह विश्वास है, जो भक्त को यह यकीन दिलाता है कि उसकी हर पुकार सुनी जाएगी, और उसका मार्ग उस परम शक्ति की कृपा से ही प्रकाशित होगा। यह समर्पण और प्रेम का ऐसा बंधन है, जो भक्त को हर संकट में दृढ़ता देता है और उसे उस दयामयी आलिंगन की ओर ले जाता है, जहां सारी व्यथाएं विलीन हो जाती हैं।
 
Singer - Abhishek Nama
Lyrics - Abhishek Madhav
Music - Ashish Dadhich
Studio - Avirag Studio Jaipur
Mixing - Ashish Dadich
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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