मुझसा योद्धा मुझसा ज्ञानी भजन

मुझसा योद्धा मुझसा ज्ञानी भजन

बड़े बड़ाई ना करे,
बड़ा ना बोले बोल,
हीरा मुख से ना कहे,
लाख हमारो मोल।।

मुझसा योद्धा मुझसा ज्ञानी,
हुआ ना जग में दुजा रे,
काट काट अपने शीषों को,
मैने शिव शंकर को पूजा रे,
मुझ सा योद्धा मुझ सा ज्ञानी।।

सुर्य चन्द्र नौ लख तारे,
सब चलते है मेरे सहारे,
पूर्व पश्चिम आज्ञा से पधारे,
त्रिभुवन हाक से धुजा रे,
मुझ सा योद्धा मुझ सा ज्ञानी।।

हवा हुकम से ठंडा तांता,
दाणो दले बुढी बेमाता,
इन्द्र जल भरने को आता,
कैलास उठाया मेरी भुजा रे,
मुझ सा योद्धा मुझ सा ज्ञानी।।

लंका कोट समुद्र खाई,
काल बली कैद के माही,
दिगपाल हाजिर रहे याहीं,
मम कुम्भकरण सा अनुजा रे,
मुझ सा योद्धा मुझ सा ज्ञानी।।

मेघनाथ पुत्र बलकारी,
मैं खुद मालिक हूं केवे पवन पुजारी,
बलवन्त राम मति क्यों मारी,
ये बन्दर तुझे ना सुजा रे,
मुझ सा योद्धा मुझ सा ज्ञानी।।



मुझसा योध्दा मुझसा ज्ञानी हुआ ना जग मे दुजा रे || Bala Ji Bhajan || Samundra Chelasari

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Hanuman ji bhajan--- Mujhsa yodha Mujhsa gyani huva na jag me duja re 
Superhit Bala ji bhajan 
Hanuman Ji Bhajan
Song :: Mujh Sa Yodh Mujh Sa Gyani
Singer :: Samunder Chelasari
Music :: Traditional 
lyrics :: Hanuman Ji Bhajan 
Music Level :: PMAX Studio
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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