साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है,
कैसा रंगीला, छनछबीला, प्यारे रंगों से है ये सजीला,
देखे नज़र हर वक़्त वक़्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
प्यारे रंगों से ऐसा सजा है,
ना ये गुलाबी, नीला, पीला, हरा है,
इंद्रधनुष जैसी रंगत है इसमें, रहमत का गोटा भी इसमें लगा है,
हीरे-मोती जड़े हैं, चाँद-तारे सजे हैं,
कैसा नूरानी है ये, कितना प्यारा लगे है।
श्रद्धा-सबुरी समाई इसमें,
रहती समाई इसमें खुदाई,
हर मनसा पूरी हुई जिसने भी आस लगाई,
सिर पे हमारे इसका हस्त हस्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
साईं हमारा कितना सोहणा लगा है,
देखो हमारा बाबा कैसा सजा है।
साईं के चरणों में जो भी हुआ है,
जिसने भी भक्ति का प्याला पिया है,
वो तो दीवाना होकर, भक्ति में इसकी खोकर,
इसकी रहमत में भीगा, बेसुध परवाना होकर।
जिसने दीदार किया है, भक्तों एक बार किया है,
रौनक हो ज़िंदगी में, उसका उद्धार किया है,
साईं का चोला सब पर परास्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
जिसने छुआ साईं का ये झोला,
मतवाला होकर हर एक दिल ये बोला —
मेरा है मालिक, मेरा है साईं दाता,
इसके आगे उसने हर भेद खोला।
रहमत का है खज़ाना, इसको न भूल जाना,
इस पर सब कुछ लुटाना, चाहे जब आज़माना।
यही है सबका साथी, दिल से आवाज़ आती —
झूठे हैं सारे नाते, दुनिया न काम आती,
सारी दुनिया देखो मतलब परास्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
कैसा रंगीला, छनछबीला, प्यारे रंगों से है ये सजीला,
देखे नज़र हर वक़्त वक़्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
प्यारे रंगों से ऐसा सजा है,
ना ये गुलाबी, नीला, पीला, हरा है,
इंद्रधनुष जैसी रंगत है इसमें, रहमत का गोटा भी इसमें लगा है,
हीरे-मोती जड़े हैं, चाँद-तारे सजे हैं,
कैसा नूरानी है ये, कितना प्यारा लगे है।
श्रद्धा-सबुरी समाई इसमें,
रहती समाई इसमें खुदाई,
हर मनसा पूरी हुई जिसने भी आस लगाई,
सिर पे हमारे इसका हस्त हस्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
साईं हमारा कितना सोहणा लगा है,
देखो हमारा बाबा कैसा सजा है।
साईं के चरणों में जो भी हुआ है,
जिसने भी भक्ति का प्याला पिया है,
वो तो दीवाना होकर, भक्ति में इसकी खोकर,
इसकी रहमत में भीगा, बेसुध परवाना होकर।
जिसने दीदार किया है, भक्तों एक बार किया है,
रौनक हो ज़िंदगी में, उसका उद्धार किया है,
साईं का चोला सब पर परास्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
जिसने छुआ साईं का ये झोला,
मतवाला होकर हर एक दिल ये बोला —
मेरा है मालिक, मेरा है साईं दाता,
इसके आगे उसने हर भेद खोला।
रहमत का है खज़ाना, इसको न भूल जाना,
इस पर सब कुछ लुटाना, चाहे जब आज़माना।
यही है सबका साथी, दिल से आवाज़ आती —
झूठे हैं सारे नाते, दुनिया न काम आती,
सारी दुनिया देखो मतलब परास्त है,
साईं का चोला बड़ा मस्त मस्त है।।
Sai Chola Bada Mast Mast Hai | New Sai Baba Special Song | Mastaani Queen | Devotional Song
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Song :- Sai Chola Bada Mast Mast Hai
Singer:- Mastaani Queen
Music :- Gouri Shanker Ji
Lyrics :- Anil Sharma
Copyright: JMD Enterprises
Singer:- Mastaani Queen
Music :- Gouri Shanker Ji
Lyrics :- Anil Sharma
Copyright: JMD Enterprises
साईं का चोला केवल वस्त्र नहीं, बल्कि उसमें समाई हुई दिव्यता, रंग-बिरंगी आभा और करुणा का प्रतीक है। इस चोले में किसी एक रंग या रूप की सीमा नहीं—यह इंद्रधनुष की तरह हर रंग को अपने भीतर समेटे हुए है, जिसमें श्रद्धा, सबुरी, प्रेम और दया की झलक मिलती है। साईं बाबा के चोले की यही विशेषता है कि वह हर भक्त को अपनापन और अपनत्व का एहसास कराता है, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म या वर्ग का हो। इस चोले की छाया में हर मनसा पूरी होती है, और जिसने भी सच्चे मन से इसकी शरण ली, उसकी झोली खुशियों और संतोष से भर जाती है।
साईं बाबा का जीवन, उनका पहनावा और उनका आचरण सादगी, सहजता और मानवता की मिसाल है। उनके चोले में न कोई भेदभाव है, न कोई आडंबर—केवल समर्पण, सेवा और करुणा का संदेश है। जो भी भक्त साईं के चरणों में श्रद्धा से सिर झुकाता है, उसे इस चोले की छाया में सुरक्षा, शांति और दिव्यता का अनुभव होता है। यही चोला हर भक्त के लिए आशीर्वाद, रहमत और विश्वास का प्रतीक बन जाता है, जिससे जीवन में भक्ति, आनंद और आत्मिक संतोष का संचार होता है। साईं का चोला, हर भक्त के लिए एक ऐसा अद्भुत वरदान है, जो उसे जीवन की हर कठिनाई में संबल और मार्गदर्शन देता है।
साईं बाबा का जीवन, उनका पहनावा और उनका आचरण सादगी, सहजता और मानवता की मिसाल है। उनके चोले में न कोई भेदभाव है, न कोई आडंबर—केवल समर्पण, सेवा और करुणा का संदेश है। जो भी भक्त साईं के चरणों में श्रद्धा से सिर झुकाता है, उसे इस चोले की छाया में सुरक्षा, शांति और दिव्यता का अनुभव होता है। यही चोला हर भक्त के लिए आशीर्वाद, रहमत और विश्वास का प्रतीक बन जाता है, जिससे जीवन में भक्ति, आनंद और आत्मिक संतोष का संचार होता है। साईं का चोला, हर भक्त के लिए एक ऐसा अद्भुत वरदान है, जो उसे जीवन की हर कठिनाई में संबल और मार्गदर्शन देता है।
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Author - Saroj Jangir
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