माँ शेरावाली जग से निराली भजन
माँ शेरावाली जग से निराली भजन
(दोहा)
माँ की ममता से,
सुकून मिलता है,
माँ की ज्योति से,
नूर मिलता है।
जो भी सच्चे मन से,
मैया के दर पे आता है,
कुछ ना कुछ तो,
ज़रूर मिलता है।
(मुखड़ा)
माँ शेरावाली, जग से निराली,
सुनती है सबकी,
आए जो भी दर पे।
मैं भी दर पे तेरे आ गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतरा 1)
तेरी दया से, ओ मेरी मैया,
काम हमारा, चलता है।
तेरे ही सहारे से, मेरी मैया,
परिवार मेरा, पलता है।
इतनी कृपा बस, करना ओ मैया,
संग हमेशा, रहना ओ मैया।
मुझको तेरा दर, ओ मैया, भा गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतरा 2)
बीच भँवर में, नाव फँसी जब,
तुमने किनारे, लगाया माँ।
इस जग में है, सबको मैया,
एक तेरा ही, सहारा माँ।
एक नज़र कृपा की, कर दो,
झोली है खाली, मेरी भर दो।
माँगा जिसने, तेरे दर से, पा गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतरा 3)
तेरी महिमा, जग से निराली,
जीवन का बस, सार है तू।
तुम सत्यम, तुम शिवम सुंदरम,
हम सब चपल, जी तेरे तू।
कण-कण में है, वास तुम्हारा,
मेरे ह्रदय में, नाम तुम्हारा।
सच्चे दिल से, जिसने चाहा, पा गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतिम पुनरावृत्ति)
माँ शेरावाली, जग से निराली,
सुनती है सबकी,
आए जो भी दर पे।
मैं भी दर पे तेरे आ गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
माँ की ममता से,
सुकून मिलता है,
माँ की ज्योति से,
नूर मिलता है।
जो भी सच्चे मन से,
मैया के दर पे आता है,
कुछ ना कुछ तो,
ज़रूर मिलता है।
(मुखड़ा)
माँ शेरावाली, जग से निराली,
सुनती है सबकी,
आए जो भी दर पे।
मैं भी दर पे तेरे आ गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतरा 1)
तेरी दया से, ओ मेरी मैया,
काम हमारा, चलता है।
तेरे ही सहारे से, मेरी मैया,
परिवार मेरा, पलता है।
इतनी कृपा बस, करना ओ मैया,
संग हमेशा, रहना ओ मैया।
मुझको तेरा दर, ओ मैया, भा गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतरा 2)
बीच भँवर में, नाव फँसी जब,
तुमने किनारे, लगाया माँ।
इस जग में है, सबको मैया,
एक तेरा ही, सहारा माँ।
एक नज़र कृपा की, कर दो,
झोली है खाली, मेरी भर दो।
माँगा जिसने, तेरे दर से, पा गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतरा 3)
तेरी महिमा, जग से निराली,
जीवन का बस, सार है तू।
तुम सत्यम, तुम शिवम सुंदरम,
हम सब चपल, जी तेरे तू।
कण-कण में है, वास तुम्हारा,
मेरे ह्रदय में, नाम तुम्हारा।
सच्चे दिल से, जिसने चाहा, पा गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
(अंतिम पुनरावृत्ति)
माँ शेरावाली, जग से निराली,
सुनती है सबकी,
आए जो भी दर पे।
मैं भी दर पे तेरे आ गया,
मैं मालामाल हो गया,
मैं मालामाल हो गया।।
माँ शेरोवाली जग से निराली | Maa Sherawali Bhajan 2020 | by Vineet Dubey - Maa Sherwali Jag Se Nirali
"माँ शेरावाली जग से निराली" एक मनमोहक भजन है जो माँ दुर्गा की महिमा और उनकी शेरावाली रूप की भव्यता को दर्शाता है। इस भजन को विनीत दुबे जी ने अपनी सुरीली आवाज़ से गाया है और लिखा भी है, जिससे इसमें भक्ति की गहरी अनुभूति झलकती है। संगीतकार कृष्णा पवार जी ने इसे मधुर धुनों से सजाया है, जबकि सुनील विश्वकर्मा जी ने बेहतरीन एडिटिंग कर इसे और आकर्षक बनाया है।