नारी ने नर को जनम दिया क्या खेल रचाया नारी ने

नारी ने नर को जनम दिया क्या खेल रचाया नारी ने

 
नारी ने नर को जनम दिया क्या खेल रचाया नारी ने

नारी ने नर को जनम दिया, क्या खेल रचाया नारी ने,
नारी ने नर को जनम दिया, क्या खेल रचाया नारी ने।।

एक नारी थीं अनुसूया, जो स्वर्गलोक में रहती थीं,
ब्रह्मा, विष्णु और शंकर को, पालने में झुलाया नारी ने।
नारी ने नर को जनम दिया, क्या खेल रचाया नारी ने।।

एक नारी थीं सावित्री, जो मृत्युलोक में रहती थीं,
जब पति को यम लेने आया, तो प्राण बचाए नारी ने।
नारी ने नर को जनम दिया, क्या खेल रचाया नारी ने।।

एक नारी थीं कैकेयी माँ, दशरथ संग रण में रहती थीं,
जब रथ का पहिया निकल गया, बस उंगली फंसाई नारी ने।
नारी ने नर को जनम दिया, क्या खेल रचाया नारी ने।।

एक नारी थीं शीलवती, जो लंकापुरी में रहती थीं,
जब मेघनाथ का शीश कटा, तब शीश हँसाया नारी ने।
नारी ने नर को जनम दिया, क्या खेल रचाया नारी ने।।


नारी ने नर को जन्म दिया क्या खेल रचाया नारी ने | Naari Ne Nar Ko Janam Diya | Nirgun Bhajan

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नारी का स्वरूप केवल सृजन का आधार ही नहीं, बल्कि त्याग, शक्ति और करुणा का भी अद्भुत संगम है। वही अपने आंचल में जीवन को जन्म देती है और वही अपने संकल्प और तप से देवताओं तक को मातृत्व का स्पर्श प्रदान करती है। अनुसूया जैसी तपस्विनी ने ब्रह्मा, विष्णु और शंकर को बाल रूप में संभाला, तो यह सिद्ध हुआ कि नारी के वात्सल्य के आगे ईश्वर भी नतमस्तक हो जाते हैं। सावित्री की अटल निष्ठा और संकल्प ने यम जैसे देवता को भी विवश कर दिया और उसके पतिव्रत से मृत्यु के मुंह में गया पुरुष भी पुनः जीवन पा सका। इन विलक्षण उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि नारी की शक्ति केवल जन्म तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु दोनों के पार जाकर भी अपना प्रभाव छोड़ती है।  

नारी ही वह शक्ति है जो रणभूमि में भी साथ खड़ी होकर साहस का संचार करती है। कैकेयी ने जब युद्ध में अपने पति के लिए रथ स्थिर किया, तो यह स्पष्ट हुआ कि उसका साहस किसी योद्धा से कम नहीं। लंकापुरी की शीलवती ने तो अपने संकल्प और शक्ति से उस स्थिति में प्रकाश फैलाया जहाँ त्रासदी और विनाश था। नारी का यही स्वरूप है—वह कभी माँ बनकर जीवन देती है, कभी पत्नी बनकर प्राणों की रक्षा करती है, और कभी धर्मपथ पर चलकर आदर्श स्थिर करती है। उसकी शक्ति लौकिक नहीं, बल्कि दैवीय है, जो संसार के संतुलन और मानवता के कल्याण का आधार बनती है। नारी के इसी अद्वितीय सामर्थ्य को प्रणाम है।
 
■ Title ▹ Naari Ne Nar Ko Janam Diya Kya Khel Rachaya Naari Ne
■ Artist ▹ Kanishk
■ Singer ▹ Chhaya
■ Music ▹ Kuldeep Mali Aala 
■ Lyrics & Composer ▹Traditional
■ Editing ▹ KV Sain
■ Cameraman ▹Gulshan Bawa
 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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