तेरे दर की भीख से है मेरा आज तक गुज़ारा

तेरे दर की भीख से है मेरा आज तक गुज़ारा


तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधार,
जीने का है सहारा...

हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा...

तेरी आस्था के सदके,
तेरी हर गली पे कुर्बां,
तेरा दर है दर हक़ीक़त,
मेरी ज़िंदगी का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा...

तेरे प्यार की हदों को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीं पे,
जहाँ मैंने पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा...

क्यों ढूंढते फिरें हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा...

मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा...


Tere Dar Ki Bhikh - तेरे दर की भीख - विनोद अग्रवाल जी - कृष्ण भजन

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।


प्रभु के दर से मिलने वाली कृपा और दया ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। उसी की भीख से, उसी की मेहरबानी से अब तक जीवन चलता आया है। हर कठिनाई, हर परेशानी में वही एक मात्र आधार बनता है, जिससे मन को संबल और आश्वासन मिलता है। उसकी करुणा और रक्षा से ही जीवन की लाज बनी रहती है, और हर जरूरतमंद को उसी दर से सहारा मिलता है। उसकी आस्था और विश्वास में डूबकर, जीवन की हर गली, हर मोड़ पर उसी का साथ महसूस होता है। उसका दर असली शरण है, जहां से मन को शांति और सुरक्षा मिलती है। प्रभु का प्रेम इतना गहरा है कि उसकी सीमाओं को केवल वही जान सकता है। जब भी पुकारा जाता है, वह उसी जगह आ जाता है, जहां उसकी जरूरत होती है।

जीवन की कठिनाइयों और तूफानों में इधर-उधर सहारा ढूंढने की जरूरत नहीं, क्योंकि सारी लहरें और किनारे उसी के हाथ में हैं। उसी की मर्जी से जीवन की दिशा तय होती है। अगर विरह भी उसकी इच्छा है, तो वह भी प्यारा लगता है, क्योंकि उसमें भी उसकी उपस्थिति और प्रेम छुपा है।

यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post