सिमरु मैं शिव सदन गणनायक भजन

सिमरु मैं शिव सदन गणनायक भजन

प्रथम पूज्य गुरु वंदना,
मेरे करो गुनाह बख्शीश,
देवनाथ सतगुरु मिले,
कहूं चरण निवाकर शीश।
ध्यान मूलं गुरु मूर्ति,
पूजा मूलं गुरु पदम्,
मंत्र मूलं गुरु वाक्य,
मोक्ष मूलं गुरु कृपा।।

सिमरूं मैं शिव सदन गणनायक,
प्यारे पार्वती के लाल।।

जे सिमरत सिद्ध होत गजानंद,
छूट जात भ्रम जाल,
सिया रामा,
छूट जात भ्रम जाल,
सिमरूं मैं शिव सदन गणनायक,
प्यारे पार्वती के लाल।।

हाथ में चक्र त्रिशूल बिराजे,
गले बैजयंती माल,
सिया रामा,
गले बैजयंती माल,
सिमरूं मैं शिव सदन गणनायक,
प्यारे पार्वती के लाल।।

रिद्धि सिद्धि बाएं अंग बिराजे,
मस्तक तिलक सोहे भाल,
सिया रामा,
मस्तक तिलक सोहे भाल,
सिमरूं मैं शिव सदन गणनायक,
प्यारे पार्वती के लाल।।

गुरु खरतो नित तेरी सेवा में,
बाज रहे सुर ताल,
सिया रामा,
बाज रहे सुर ताल,
सिमरूं मैं शिव सदन गणनायक,
प्यारे पार्वती के लाल।।



सिमरू में शिव सघन गणपत प्यारे !! भक्त सहीराम जी धन्नासर !!

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post