बोल जय साईं राम साई बाबा भजन
बोल जय साईं राम साई बाबा भजन
तुझमें है साईं, देख मुझे में है साईं, सब में साईं राम
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
श्रद्धा और सबुरी का मंत्र सिखाया है,
उदि ने साईं की, मरते को बचाया है।
अपनी न मान, तू जग की न मान, पर वचन साईं के मान,
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
प्रेम, भाईचारे से जो भी इंसान रहता है,
सच्चा है वही भगत, ऐसा साईं कहता है।
कर्म न जान, तू धर्म न जान, पर इंसानियत को जान,
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
राम, रहीम, नानक, ईसा — सब तो एक हैं,
सिखाते हैं साईं — सब को मिटते सब भेद हैं।
गुरु ही ब्रह्मा, गुरु ही विष्णु, गुरु ही हैं भगवान,
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
श्रद्धा और सबुरी का मंत्र सिखाया है,
उदि ने साईं की, मरते को बचाया है।
अपनी न मान, तू जग की न मान, पर वचन साईं के मान,
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
प्रेम, भाईचारे से जो भी इंसान रहता है,
सच्चा है वही भगत, ऐसा साईं कहता है।
कर्म न जान, तू धर्म न जान, पर इंसानियत को जान,
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
राम, रहीम, नानक, ईसा — सब तो एक हैं,
सिखाते हैं साईं — सब को मिटते सब भेद हैं।
गुरु ही ब्रह्मा, गुरु ही विष्णु, गुरु ही हैं भगवान,
अंतरमन की आँखें खोल, और कर ले इन्हें प्रणाम।
बोल जय साईं राम, बोल जय साईं राम।।
Bol He Sai Ram - Vivek Goyal | बोल हे साईं राम - विवेक गोयल | Sai Bhajan | Sanskar Bhajan
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Bhajan : Bol He Sai Ram
Singer : Vivek Goyal
Music : Bijendra Chauhan
Label : Sanskar Bhajan
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Music : Bijendra Chauhan
Label : Sanskar Bhajan
साईं की सर्वव्यापकता और उनके प्रेम का भाव भक्त के हृदय को एक ऐसी जागृति से भर देता है, जो उसे सारे भेदभाव और अज्ञान से मुक्त कर सत्य और प्रेम के मार्ग पर ले जाता है। यह भाव उस गहरे विश्वास को दर्शाता है कि साईं हर कण में, हर मन में और हर प्राणी में समाए हैं, और अंतरमन की आँखें खोलकर उनकी उपस्थिति को प्रणाम करने से भक्त सच्चा सुख पाता है। साईं का मंत्र—श्रद्धा और सबूरी—भक्त को जीवन की हर कठिनाई में धैर्य और विश्वास के साथ जीना सिखाता है। उनकी कृपा और उदी की शक्ति भक्त को मृत्यु के द्वार से भी बचा लेती है, और साईं के वचनों पर चलकर भक्त सांसारिक माया और जग की बातों से ऊपर उठता है।
साईं की शिक्षाएँ और उनका संदेश भक्त को प्रेम, भाईचारा और इंसानियत का मार्ग दिखाता है। यह भाव उस अटल विश्वास को व्यक्त करता है कि सच्चा भक्त वही है, जो साईं की तरह बिना भेदभाव के सभी से प्रेम करता है। साईं सिखाते हैं कि राम, रहीम, नानक, ईसा—सब एक ही हैं, और गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और भगवान का स्वरूप है।
साईं की शिक्षाएँ और उनका संदेश भक्त को प्रेम, भाईचारा और इंसानियत का मार्ग दिखाता है। यह भाव उस अटल विश्वास को व्यक्त करता है कि सच्चा भक्त वही है, जो साईं की तरह बिना भेदभाव के सभी से प्रेम करता है। साईं सिखाते हैं कि राम, रहीम, नानक, ईसा—सब एक ही हैं, और गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु और भगवान का स्वरूप है।
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Author - Saroj Jangir
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