अमीनाथ दुखियों का सहारा सब देवों में न्यारा भजन

अमीनाथ दुखियों का सहारा सब देवों में न्यारा भजन

अमीनाथ दुखियों का सहारा,
सब देवों में न्यारा है,
कोलेखां में संकट काटे,
बाबा समाधि वाला रे।।

शनिवार और इतवार ने,
भीड़ लगे से भारी रे,
भोग लगावे, दूध चढ़ावे,
गाँव की सब नर-नारी रे,
दूर करे लाचारी रे,
यूँ बनया ईसा रखवाला रे,
कोलेखां में संकट काटे,
बाबा समाधि वाला रे।।

ऊपरी और पराई न यूँ,
ना काटन में देर करे,
भगतां यो बनया हिमाती,
पशुओं पे भी मेहर करे,
कोलेखां में लेके समाधि,
अँधेरे में करया उजाला है,
कोलेखां में संकट काटे,
बाबा समाधि वाला रे।।

अर्जरुद्दीन कोलेखां कहराया,
तेने कोई भंडारी हो,
राम कहे कोई श्याम कहे,
तेने कोई भंडारी हो,
बलविंद्र कोलेखां कहे रे,
तू सच्चा न्याकारी हो,
श्रद्धा ते तेरे भजन बनावे,
सतपाल ढूंढवे वाला रे,
कोलेखां में संकट काटे,
बाबा समाधि वाला रे।।

अमीनाथ दुखियों का सहारा,
सब देवों में न्यारा है,
कोलेखां में संकट काटे,
बाबा समाधि वाला रे।।



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Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

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