कान्हा प्रेम की डोर मोहे खींच जोर भजन
कान्हा प्रेम की डोर मोहे खींच जोर भजन
कान्हा प्रेम की डोर मोहे खींच जोर,
तेरे नैनों ने मुझपे जादू किया।
तुझसे है वादा, हां, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
राधा न होती, वृंदावन न होता,
तो कैसे हम रास रचाते।
राधा की पायल न भजती,
तो बोलो ऊँगली पर किसको नचाते।
कान्हा कैसा ये कमाल है,
हुआ हाल बेहाल तेरे श्रृंगार ने मुझको पागल किया।
तुम पे है वादा, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
राधा न होती तो कुंज-गली भी,
ऐसी निराली न होती।
राधे के नाम से महके है उपवन,
हरियाली ऐसी न होती।
कान्हा तेरी मुस्कान पे प्यारी,
बंसी की तान,
उसकी बांकी अदाओं ने घ्याल किया।
तुम पे है वादा, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
राधा न होती, ये स्वान न होता,
तो फिर किसको झूला रिझाते।
अमित गगन बैठे चरणों में तेरे,
तो भजनों से किसको रिझाते।
कान्हा घुंघराले बाल, तेरी टेढ़ी-मेढ़ी चाल,
मैंने मोहन को तन-मन ये अर्पण किया।
तुम पे है वादा, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
तेरे नैनों ने मुझपे जादू किया।
तुझसे है वादा, हां, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
राधा न होती, वृंदावन न होता,
तो कैसे हम रास रचाते।
राधा की पायल न भजती,
तो बोलो ऊँगली पर किसको नचाते।
कान्हा कैसा ये कमाल है,
हुआ हाल बेहाल तेरे श्रृंगार ने मुझको पागल किया।
तुम पे है वादा, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
राधा न होती तो कुंज-गली भी,
ऐसी निराली न होती।
राधे के नाम से महके है उपवन,
हरियाली ऐसी न होती।
कान्हा तेरी मुस्कान पे प्यारी,
बंसी की तान,
उसकी बांकी अदाओं ने घ्याल किया।
तुम पे है वादा, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
राधा न होती, ये स्वान न होता,
तो फिर किसको झूला रिझाते।
अमित गगन बैठे चरणों में तेरे,
तो भजनों से किसको रिझाते।
कान्हा घुंघराले बाल, तेरी टेढ़ी-मेढ़ी चाल,
मैंने मोहन को तन-मन ये अर्पण किया।
तुम पे है वादा, बिन तेरे राधा,
ये श्याम है आधा, ओ राधिका।
Krishan Janmashtami Songs : कान्हा प्रेम की डोर | Gagandeep Singh, Urmila Raj | Krishan Bhajan 2018
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कृष्ण और राधा के प्रेम की यह कविता गहरे भाव और समर्पण से भरी है। इसमें श्याम (कृष्ण) स्वयं स्वीकार करते हैं कि राधा के बिना उनका अस्तित्व अधूरा है—उनकी हर लीला, हर रास, राधा के बिना अर्थहीन है। वृंदावन की कुंज गलियाँ, उपवन, रासलीला, और कृष्ण की बांसुरी की तान—इन सबकी सुंदरता और रस राधा की उपस्थिति से ही है। राधा की पायल की रुनझुन, उनका नाम, उनकी मुस्कान—इन सबने कृष्ण को भी दीवाना बना दिया है।
Song :- Kanha Prem Ki Dor
Singer - Gagandeep Singh 9918088621, Urmila Raj
Lyrics - Amit Faijabadi, Kabir
Music - Gulshan Sonotek Music Studio
Label - sonotek Cassettes
Contact Person - Ankit Vij 09899429419, Leela Krishan Ji (09212183337 )
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तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
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Singer - Gagandeep Singh 9918088621, Urmila Raj
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सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
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Author - Saroj Jangir
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