मैं ता श्याम मनाना नि चाहे लोक बोलियाँ बोले
मैं ता श्याम मनाना नि चाहे लोक बोलियाँ बोले
मैं ता श्याम मनाना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
मैं ता वाज न आना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
मैं वृंदावन बस जाना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
लोकी मेनू रोगन कहंदे, मेनू रोग न कोई
जद दा देख्या श्याम मुरारी, मैं ता रोगन होई
एह ता रोग पुराना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
रोके मेनू दुनिया सारी, रोक रहे घरवाले
प्रीत कदी भी कैद न होंदी, लाख लगा लो ताले
ताले तोड़ के जाना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
छड़ सारे मैं रिश्ते श्यामा, आई तैनू रिजावन
टबर सारा छड़ आई पीछे, तैनू रंग लगावन
तेरे रंग रंग जाना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
जद दा देख्या श्याम मुरारी, मैं ता रोगन होई
ओहदे रंग विच रंग के, मेनू लोड किसे दी न होई
मैं ता दर्शन पाना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
सास नंद मोहे पल पल कोसे, और रहे गरवाला
मार पीट के अंदर कर दियां, बाहर लगा दियां ताला
मैं ता नहीं गबराना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
मैं ता वाज न आना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
मैं वृंदावन बस जाना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
लोकी मेनू रोगन कहंदे, मेनू रोग न कोई
जद दा देख्या श्याम मुरारी, मैं ता रोगन होई
एह ता रोग पुराना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
रोके मेनू दुनिया सारी, रोक रहे घरवाले
प्रीत कदी भी कैद न होंदी, लाख लगा लो ताले
ताले तोड़ के जाना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
छड़ सारे मैं रिश्ते श्यामा, आई तैनू रिजावन
टबर सारा छड़ आई पीछे, तैनू रंग लगावन
तेरे रंग रंग जाना जी चाहे, लोक बोलियाँ बोले
जद दा देख्या श्याम मुरारी, मैं ता रोगन होई
ओहदे रंग विच रंग के, मेनू लोड किसे दी न होई
मैं ता दर्शन पाना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
सास नंद मोहे पल पल कोसे, और रहे गरवाला
मार पीट के अंदर कर दियां, बाहर लगा दियां ताला
मैं ता नहीं गबराना नि चाहे, लोक बोलियाँ बोले
#New#Krishna#Bhajan#2019#Punjabi with music and Lyrics |मैं ता श्याम मनाना नी मैं ता वृंदावन जाना नी
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लोग उसे रोगन (प्रेम-रोगी) कहते हैं, लेकिन श्याम के दर्शन के बाद यह प्रेम-रोग उसके लिए सबसे बड़ा सुख बन गया है। यह रोग कोई साधारण बीमारी नहीं। दुनिया, परिवार, समाज—सब रोकने की कोशिश करते हैं, ताले लगाते हैं, लेकिन प्रेम की डोर कभी कैद नहीं होती। मन हर बंधन तोड़कर, हर रिश्ता छोड़कर, बस श्याम के रंग में रंगने, उनकी प्रीत में डूबने को आतुर है।
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तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
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श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
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Author - Saroj Jangir
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