तेरी मटकन चटकन लटकन पे बलिहारी
तेरी मटकन चटकन लटकन पे बलिहारी
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
इक वार जो कान्हा तुझको देखे, वो लूट जाए,
लूट कर भी वो बाँके बिहारी, बार-बार बलि जाए,
तेरी अलीकां काली-काली पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
कंकण-किन्किण नूपुर की ध्वनि, सुन-सुन मन हर्षावे,
प्रेम लोक में प्रेम अवसर, मन-मन में पस्तावे,
तेरी नूपुर की ध्वनि प्यारी पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
"है कृष्ण हमारे सर्वस" कहती ब्रज नार नवेली,
यमुना जी भी ब्रज तट पर करती नित-नियत खेली,
तेरी अलबेली सूरतिया पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
तेरे होठ मथुर रस वाले, तिरछे नैना बड़े कटीले,
धुन अंगना रस खोलें, मैया पीछे-पीछे डोले,
तेरी तोतरी बातन बोलनिया पे अभिनंद बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
इक वार जो कान्हा तुझको देखे, वो लूट जाए,
लूट कर भी वो बाँके बिहारी, बार-बार बलि जाए,
तेरी अलीकां काली-काली पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
कंकण-किन्किण नूपुर की ध्वनि, सुन-सुन मन हर्षावे,
प्रेम लोक में प्रेम अवसर, मन-मन में पस्तावे,
तेरी नूपुर की ध्वनि प्यारी पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
"है कृष्ण हमारे सर्वस" कहती ब्रज नार नवेली,
यमुना जी भी ब्रज तट पर करती नित-नियत खेली,
तेरी अलबेली सूरतिया पे बलिहारी रे बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
तेरे होठ मथुर रस वाले, तिरछे नैना बड़े कटीले,
धुन अंगना रस खोलें, मैया पीछे-पीछे डोले,
तेरी तोतरी बातन बोलनिया पे अभिनंद बलिहारी,
तेरी टेढ़ी मुस्कनिया पे मैं तो वारी रे मैं वारी,
तेरी मटकन, चटकन, लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी।।
Teri Matkan Latkan Pe Balihari - Abhinandan Gupta | Krishna Bhajan | Sanskar Bhajan
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
About Bhajan -
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
Song : Teri Matkan Latkan Pe Balihari
Singer : Abhinandan Gupta
Music : Bijendra Chauhan
Label : Sanskar Bhajan
Singer : Abhinandan Gupta
Music : Bijendra Chauhan
Label : Sanskar Bhajan
यह भजन भी देखिये
- व्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना गोपी विरह गीत
- राधा रमण राधा रमण कहो
- राधा कृष्ण बिरज में अनुपम प्रेम प्रमाण
- सारी चिंता छोड़ सांवरियो सेठ बुलावे
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
