सांवरिया अपने भक्तो को तुम भी क्या यूँ
सांवरिया अपने भक्तो को तुम भी क्या यूँ
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
चलते-चलते हार गया मैं,
क्या तुम मुझे जिताओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
दर-दर भटका, थक सा गया था,
कहीं न कोई सहारा था।
सब कहते थे “तू हारे का,
हरदम साथ तुम्हारा था।”
अब ये पूछने आया हूँ —
क्या तुम भी साथ निभाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
ग़म के बादल, दुःख की परछाईं,
चारों ओर ही छाई है।
कोशिश जितनी कर लूँ फिर भी,
किस्मत क्यों तन्हाई है?
अब तो बता दो कान्हा मुझसे,
क्या मुझको अपनाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
पीड़ा इतनी, कैसे बताऊँ,
बस साँसों का ही सिलसिला है।
मन की हालत खुद ही समझो,
कहना अब क्या जरूरी है।
देना नहीं तो साथ ही कह दो —
क्या जीवन लौटाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
अब तो आ गया द्वार तुम्हारे,
अब तो बाँहों में समाओगे।
सबकी नैया पार लगाई,
मेरी भी तुम चलाओगे।
‘भानु’ कहे अब रहम करो तुम,
कब तक यूँ तरसाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
चलते-चलते हार गया मैं,
क्या तुम मुझे जिताओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
चलते-चलते हार गया मैं,
क्या तुम मुझे जिताओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
दर-दर भटका, थक सा गया था,
कहीं न कोई सहारा था।
सब कहते थे “तू हारे का,
हरदम साथ तुम्हारा था।”
अब ये पूछने आया हूँ —
क्या तुम भी साथ निभाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
ग़म के बादल, दुःख की परछाईं,
चारों ओर ही छाई है।
कोशिश जितनी कर लूँ फिर भी,
किस्मत क्यों तन्हाई है?
अब तो बता दो कान्हा मुझसे,
क्या मुझको अपनाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
पीड़ा इतनी, कैसे बताऊँ,
बस साँसों का ही सिलसिला है।
मन की हालत खुद ही समझो,
कहना अब क्या जरूरी है।
देना नहीं तो साथ ही कह दो —
क्या जीवन लौटाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
अब तो आ गया द्वार तुम्हारे,
अब तो बाँहों में समाओगे।
सबकी नैया पार लगाई,
मेरी भी तुम चलाओगे।
‘भानु’ कहे अब रहम करो तुम,
कब तक यूँ तरसाओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
चलते-चलते हार गया मैं,
क्या तुम मुझे जिताओगे?
सांवरिया अपने भक्तों को,
तुम भी क्या यूँ रुलाओगे?
Shyam Se Prashn | श्याम से प्रश्न | New Khatu Shyam Bhajan by Shweta Agrawal ( Full HD Song)
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
अपने पसंद के भजन (भजन केटेगरी) खोजे
जीवन की राह में जब हर कदम पर हार मिले और मन थककर टूटने लगे, तब प्रभु की शरण ही एकमात्र आशा बनती है। दर-दर भटकने के बाद भी जब कोई सहारा न मिले, और दुखों के बादल चारों ओर घेर लें, तब मन केवल उनकी कृपा के लिए पुकारता है। पीड़ा इतनी गहरी है कि शब्दों में बयान नहीं होती, फिर भी यह विश्वास बना रहता है कि प्रभु सब समझते हैं। उनके द्वार पर पहुँचकर मन यह याचना करता है कि वह अपने भक्त को गले लगाएँ, उसकी नैया को पार लगाएँ, और हारे हुए को जीत का रास्ता दिखाएँ। उनकी कृपा की प्रतीक्षा में मन हर पल उनकी ओर देखता है, यह आस लिए कि वह अपने भक्त को रुलाएँगे नहीं, बल्कि प्रेम से संभाल लेंगे।
श्री खाटू श्याम जी, जिन्हें साँवरिया और कान्हा के नाम से पुकारा जाता है, वह अपने भक्तों के लिए असीम दया के सागर हैं। खाटू धाम में उनके चरणों में सिर झुकाने से हर दुख मिट जाता है, और मन को सच्ची शांति मिलती है। वह हारे का सहारा बनकर हर भक्त की नैया को भवसागर से पार कराते हैं। उनकी कृपा से जीवन के सारे अंधेरे छँट जाते हैं, और भक्त का मन उनके प्रेम में डूबकर धन्य हो जाता है। वह कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करते, बल्कि हर पुकार सुनकर उनकी तकदीर को सुख और समृद्धि से भर देते हैं। उनकी भक्ति में वह शक्ति है, जो हर मुश्किल को आसान बना देती है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
जीवन की राह में जब हर कदम पर हार मिले और मन थककर टूटने लगे, तब प्रभु की शरण ही एकमात्र आशा बनती है। दर-दर भटकने के बाद भी जब कोई सहारा न मिले, और दुखों के बादल चारों ओर घेर लें, तब मन केवल उनकी कृपा के लिए पुकारता है। पीड़ा इतनी गहरी है कि शब्दों में बयान नहीं होती, फिर भी यह विश्वास बना रहता है कि प्रभु सब समझते हैं। उनके द्वार पर पहुँचकर मन यह याचना करता है कि वह अपने भक्त को गले लगाएँ, उसकी नैया को पार लगाएँ, और हारे हुए को जीत का रास्ता दिखाएँ। उनकी कृपा की प्रतीक्षा में मन हर पल उनकी ओर देखता है, यह आस लिए कि वह अपने भक्त को रुलाएँगे नहीं, बल्कि प्रेम से संभाल लेंगे।
श्री खाटू श्याम जी, जिन्हें साँवरिया और कान्हा के नाम से पुकारा जाता है, वह अपने भक्तों के लिए असीम दया के सागर हैं। खाटू धाम में उनके चरणों में सिर झुकाने से हर दुख मिट जाता है, और मन को सच्ची शांति मिलती है। वह हारे का सहारा बनकर हर भक्त की नैया को भवसागर से पार कराते हैं। उनकी कृपा से जीवन के सारे अंधेरे छँट जाते हैं, और भक्त का मन उनके प्रेम में डूबकर धन्य हो जाता है। वह कभी अपने भक्तों को निराश नहीं करते, बल्कि हर पुकार सुनकर उनकी तकदीर को सुख और समृद्धि से भर देते हैं। उनकी भक्ति में वह शक्ति है, जो हर मुश्किल को आसान बना देती है।
यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
