प्रथम गणराज को सुमिरूँ जो रिद्धि सिद्धि दाता है भजन

प्रथम गणराज को सुमिरूँ जो रिद्धि सिद्धि दाता है भजन

जो रिद्धि सिद्धि दाता है,
प्रथम गणराज को सुमिरूं,
जो रिद्धि सिद्धि दाता है।।

मेरी अरदास सुन देवा,
तू मूषक चढ़ के आ जाना,
सभा के मध्य आकर के,
हमारी लाज रख जाना,
हमारी लाज रख जाना,
करूं विनती मैं झुक उनकी,
माँ गौरी जिनकी माता है,
प्रथम गणराज को सुमिरूं,
जो रिद्धि सिद्धि दाता है।।

क्रिया ना मंत्र मैं जानूं,
शरण में तेरी आया हूं,
मेरी बिगड़ी बना देना,
चढ़ाने कुछ ना लाया हूं,
चढ़ाने कुछ ना लाया हूं,
करूं कर जोड़, नम-नम के,
जो मुक्ति के प्रदाता है,
प्रथम गणराज को सुमिरूं,
जो रिद्धि सिद्धि दाता है।।

सुनो शंकर सुवन मुझको,
अबुद्धि ज्ञान दे जाओ,
अंधेरे में भटकते को,
धर्म की राह दिखलाओ,
धर्म की राह दिखलाओ,
अनिल विनती करे उनकी,
विनायक जो कहाता है,
प्रथम गणराज को सुमिरूं,
जो रिद्धि सिद्धि दाता है।।

जो रिद्धि सिद्धि दाता है,
प्रथम गणराज को सुमिरूं,
जो रिद्धि सिद्धि दाता है।।


श्री गणेश भजन | प्रथम गणराज को सुमिरू | Pratham Ganraj Ko Sumiru | Anil Jadhav | Shri Ganesh Bhajan

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जब साधक किसी भी काम की शुरुआत करता है, तो सबसे पहले गणराज का स्मरण करता है, क्योंकि वो रिद्धि-सिद्धि के दाता हैं। जैसे कोई सफर शुरू करने से पहले सबसे पहले मार्गदर्शक को याद कर ले, वैसे ही गणेश जी का नाम लेने से मन में वो विश्वास आ जाता है कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। मूषक पर सवार होकर वो सभा के बीच में आ जाते हैं, लाज रखते हैं, क्योंकि उनकी माँ गौरी हैं और वो शंकर सुवन हैं। अरदास सुनकर वो तुरंत आते हैं, जैसे कोई माँ बच्चे की पुकार पर दौड़ पड़ती है।

कई बार साधक कहता है कि मुझे न कोई क्रिया पता है, न मंत्र, बस शरण में आया हूँ – बिगड़ी बना दो, क्योंकि कुछ चढ़ाने को लाया नहीं। फिर भी कर जोड़कर विनती करता है, क्योंकि वो मुक्ति के भी दाता हैं। अंधेरे में भटकते को ज्ञान देते हैं, अबुद्धि को बुद्धि देते हैं, धर्म की राह दिखाते हैं। जैसे कोई अंधेरे कमरे में दीया जल जाए और सब साफ दिखने लगे, वैसे ही गणराज का नाम लेने से जीवन की हर मुश्किल आसान लगने लगती है। अनिल जैसे साधक की विनती सुनकर वो विनायक कहलाते हैं, और हर काम में पहले उनका नाम आता है। आप सभी पर ईश्वर की कृपा बनी रहे। जय श्री गणेश जी की।
 
Title :- प्रथम गणराज को सुमिरू
Singer: Anil Jadhav 8461925089
Lyrics: Lakhan Ji Maharaj
Recording: Studio SME
Music: Krishna Pawar
Dholak, Tabla: Ayush Mundele
Pad: Jitendra Ahirwal
Mix & Master: Himanshu Jain
Special Thanks: Sachin Prajapati
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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