श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी


श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा

पितु, मात, स्वामी, सखा हमारे
हे नाथ नारायण वासुदेवा
श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी
हे नाथ नारायण वासुदेवा

बंदीगृह के तुम अवतारी
कहीं जन्मे, कहीं पले मुरारी
किसी के जाए, किसी के कहाए
है अद्भुत हर बात तिहारी


Shri Krishna Govind Hare Murari | Ravindra Jain's Krishna Bhajans

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।


हर रिश्ते और हर भाव में वही एक परमात्मा झलकता है—पिता के रूप में सुरक्षा, माता के रूप में ममता, स्वामी के रूप में मार्गदर्शन और सखा के रूप में अपनापन। जीवन के हर मोड़ पर वही सबसे बड़ा सहारा और साथी है। उसकी लीला अनोखी है—कभी बंदीगृह में जन्म लेकर, कभी किसी और घर में पलकर, वह हर परिस्थिति में अपनी उपस्थिति और चमत्कार का अनुभव कराता है। हर संबंध, हर घटना, हर अनुभूति में उसी की कृपा और अद्भुतता समाई हुई है। नाम स्मरण करते ही मन को शांति और विश्वास मिलता है कि वही सच्चा आधार है, वही जीवन की हर डगर पर साथ निभाने वाला है। उसकी माया, उसका जीवन और उसकी लीला सब कुछ अलौकिक और रहस्य से भरा है, जो मनुष्य की समझ से परे है, लेकिन हर दिल को सुकून देने वाली है।

यह भजन भी देखिये
तू है थानेदार सांवरे करले गिरफ्तार
चाँदी का पालना लायो मारा सेठ जी भजन
बन गए श्याम तेरे बावरे सांवरे
सांवरिया नाम तुम्हारो लागे मन जीते प्यारा
श्रृंगार तेरा देखा तो तुझ में खो गया हूँ
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post