
भोले तेरी भक्ति का अपना ही
अध्यापिका को अंग्रेजी (इंग्लिश) में Teacher कहते हैं. यह शब्द अध्यापक से बना है, अध्यापक पुल्लिंग होता है और अध्यापिका स्त्रीलिंग . अध्यापिका हिंदी भाषा का शब्द है जिसका सम्पूर्ण अर्थ निचे दिया गया है। अध्यापिका से आशय विद्यालय / स्कूल में पढ़ाने वाले व्यक्ति को कहते हैं जैसे की पूर्व में गुरुकुल में गुरु होता था. अध्यापिका को समाज में विशेष सम्मान का दर्जा प्राप्त है क्योंकि वे ही आने वाली पीढ़ी के बच्चों को ज्ञान देते हैं, संस्कारी बनाते हैं. अध्यापिका के द्वारा दिए गए ज्ञान और आचरण के आधार पर ही विद्यार्थी जीवन में सफल हो पाता है. अतः हम कह सकते हैं की शिशु अवस्था से लेकर जवान होने तक अध्यापिका ही छात्र/छात्रा के सर्वांगीर्ण विकास के लिए उत्तरदाई होता है। अध्यापिका या शिक्षक से आशय शिक्षा देने वाला, अध्यापन करवाने वाला होता है। अध्यापिका का पुल्लिंग होता है और इसका स्त्रीलिंग अध्यापिका होता है। अध्यापिका और शिक्षक को एकवचन अथवा बहुवचन दोनों तरह से प्रयुक्त किया जा सकता है। बहुवचन के रूप में अध्यापिकाो, शिक्षकों, या अध्यापिकागण, शिक्षकगण आदि होता है। जो व्यक्ति छात्र के मन में सीखने की इच्छा को जागृत करे वह शिक्षक होता है। अध्यापिका का महत्त्व किसी व्यक्ति के पूरे जीवन पर पड़ता है। अध्यापिका ही शिशु अवस्था से व्यक्ति के अंदर नैतिक मूल्य और सामजिक नियम कायदों को मानने के लिए व्यक्ति का चरित्र निर्माण करता है। यही कारण है की अध्यापिका का स्थान बहुत ऊँचा माना गया है। हिंदी में इसे गुरु भी कहा जाता है और गुरु के महत्त्व के प्रति विशेष है की गुरु:ब्रह्मा गुरुर् विष्णु: गुरु: देवो महेश्वर: गुरु:साक्षात् परम् ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:। कबीर कहते हैं गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पांय बलिहारि गुरु आपनो गोविंद दियो बताय। अतः गुरु का स्थान अत्यंत ही बड़ा होता है।