सुन सुन मेरे नन्हे सुन प्यार की गंगा बहे

सुन सुन मेरे नन्हे सुन प्यार की गंगा बहे

सुन सुन सुन मेरे नन्हे सुन,
सुन सुन सुन मेरे मुन्ने सुन
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

सुन सुन सुन मेरी नन्ही सुन,
सुन सुन सुन मेरी मुन्नी सुन
प्यार की गंगा बाहे देश मे एका रहे

ख़तम काली रात हो, रोशनी की बात हो
दोस्ती की बात हो, ज़िन्दगी की बात हो
बात हो इंसान की, बात हिन्दुस्तान की
सारा भारत ये कहे, प्यार की गंगा बहे
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

अब न दुश्मनी पले, अब न कोई घर जले
अब नही उजड़े सुहाग, अब नही फैले ये आग
अब न हो बच्चे अनाथ, अब न हो नफ़रत की घात
सारा भारत ये कहे, प्यार की गंगा बहे
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

सारे बच्चे बच्चिया, सारे बूढ़े और जवां,
यानी सब हिंदुस्तान
एक मंजिल पर मिले एक साथ फिर चले
एक साथ फिर रहे, एक साथ फिर कहे.. फिर कहे..
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे..
देश मे एका रहे, सारा भारत ये कहे
सारा भारत ये कहे, देश मे एका रहे
 
 
"प्यार की गंगा बहे, देश में एका रहे" यह गीत हमें एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। इसमें कहा गया है कि सभी लोग, चाहे वे बच्चे हों, युवा हों या वृद्ध, एक साथ मिलकर प्रेम की गंगा बहाएं और देश में एकता बनाए रखें। गीत में यह भी व्यक्त किया गया है कि अब कोई दुश्मनी नहीं होनी चाहिए, कोई घर नहीं जलना चाहिए, और न ही नफरत की कोई जगह होनी चाहिए। सभी को मिलकर एक साथ चलना चाहिए और एकता का संदेश फैलाना चाहिए। यह गीत हमें यह सिखाता है कि जब हम सभी मिलकर प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं, तो हमारा देश मजबूत और समृद्ध बनता है।
सुन सुन सुन मेरे नन्हे सुन,
सुन सुन सुन मेरे मुन्ने सुन
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

सुन सुन सुन मेरी नन्ही सुन,
सुन सुन सुन मेरी मुन्नी सुन
प्यार की गंगा बाहे देश मे एका रहे

ख़तम काली रात हो, रोशनी की बात हो
दोस्ती की बात हो, ज़िन्दगी की बात हो
बात हो इंसान की, बात हिन्दुस्तान की
सारा भारत ये कहे, प्यार की गंगा बहे
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

अब न दुश्मनी पले, अब न कोई घर जले
अब नही उजड़े सुहाग, अब नही फैले ये आग
अब न हो बच्चे अनाथ, अब न हो नफ़रत की घात
सारा भारत ये कहे, प्यार की गंगा बहे
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे

सारे बच्चे बच्चिया, सारे बूढ़े और जवां, यानी सब हिंदुस्तान
एक मंजिल पर मिले एक साथ फिर चले
एक साथ फिर रहे, एक साथ फिर कहे.. फिर कहे..
प्यार की गंगा बहे, देश मे एका रहे..
देश मे एका रहे, सारा भारत ये कहे
सारा भारत ये कहे, देश मे एका रहे

देशभक्ति गीत से अभिप्राय : देशभक्ति गीत किसी देश की अस्मिता होते हैं जिन के माध्यम से राष्ट्र को सर्वोपरि स्थान दिया जाता है। इन गीतों की प्रमुखता होती है की इनमे राष्ट्र रस और देशभक्ति की भावना जाग्रत करने के लिए रचा जाता है। राष्ट्रिय पर्व, राजनैतिक कारकर्मों, अन्यदेशों में देश का प्रतिनिधित्व जैसे ओलम्पिक गेम्स और अन्य खेल प्रतियोगिताओ में इसे बजाया जाता है ये राष्ट्र गान के बाद बजाया जाता है। कवी प्रदीप, सुमित्रानंदन पंत, गिरिजाकुमार माथुर के देशभक्ति गीत काफी प्रचलित हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के समय से ही देशभक्ति गीत और कविताओं ने लोगों में जोश भरा है।

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