ओ दर छोड़ के जाउंगा ना मैया भजन
ओ दर छोड़ के जाउंगा ना मैया कभी तो नैया भजन
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
जैसे औरों के किए हैं दुख दूर मां,
आस पूरी होगी मेरी भी जरूर मां,
ओ मेरे सपने भी,
ओ मेरे सपने भी होके दयालु,
मां तुम्हीं साकार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
जो भी लेना मैंने लेना तेरे द्वार से,
तेरे होते क्यों मैं माँगूँ संसार से,
हो जब किसी दिन,
हो जब किसी दिन रहम तुझे आया,
निराला उपकार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
दूर भक्तों से मैया रह न पाओगी,
आज रूठी हो तो कल मान जाओगी,
हो सारी रहमतों को,
हो सारी रहमतों को मौज में आके,
मां मुझपे निसार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
काम होता है सवाली का पुकारना,
काम तेरा है मां किस्मतें सँवारना,
हो मैंने जिद कर,
हो मैंने जिद कर झोली जो पसारी,
तो कैसे इनकार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
कभी तो नैया पार करोगी।
जैसे औरों के किए हैं दुख दूर मां,
आस पूरी होगी मेरी भी जरूर मां,
ओ मेरे सपने भी,
ओ मेरे सपने भी होके दयालु,
मां तुम्हीं साकार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
जो भी लेना मैंने लेना तेरे द्वार से,
तेरे होते क्यों मैं माँगूँ संसार से,
हो जब किसी दिन,
हो जब किसी दिन रहम तुझे आया,
निराला उपकार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
दूर भक्तों से मैया रह न पाओगी,
आज रूठी हो तो कल मान जाओगी,
हो सारी रहमतों को,
हो सारी रहमतों को मौज में आके,
मां मुझपे निसार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
काम होता है सवाली का पुकारना,
काम तेरा है मां किस्मतें सँवारना,
हो मैंने जिद कर,
हो मैंने जिद कर झोली जो पसारी,
तो कैसे इनकार करोगी,
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
ओ दर छोड़ के जाऊँगा ना मैया,
कभी तो नैया पार करोगी।
दर छोड़ के Dar Chhod Ke Jaaunga Na Maiya: SONU NIGAM Devi Bhajan | Halwa Poori Baatenge
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मनुष्य हर सुख-दुख में उसी दैवी शक्ति को पुकारता है और विश्वास रखता है कि जैसे माता अपने अन्य संतानों का दुख दूर करती है, वैसे ही उसकी भी सुनवाई अवश्य होगी। संसार की किसी भी वस्तु से अधिक माता के द्वार का सहारा सबसे बड़ा है। चाहे वह तुरंत कृपा करें या थोड़ी देर से, परंतु यह दृढ़ आस्था है कि कभी न कभी नैया पार होगी और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति अवश्य मिलेगी। यही विश्वास हर पीड़ा को सहने की शक्ति देता है और वही अंदर एक अडिग धैर्य जगाता है कि मां का आशीर्वाद अंततः अवश्य मिलेगा।
माता दुर्गा करुणा और शक्ति की मूर्ति हैं, जिनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। उनका हृदय स्नेह और दया से भरपूर है, वे अपने भक्त की पुकार कभी अनसुनी नहीं करतीं। जब कोई सच्चे मन से शरणागत होता है, तो माता उसकी झोली खाली नहीं लौटातीं। वे केवल दुख हरने वाली ही नहीं, अपितु भाग्य संवारने और जीवन को नवीन दिशा देने वाली हैं। उनका कार्य ही यही है कि संतानों के जीवन में आशा, सुरक्षा और पूर्णता का संचार करें। मातृशक्ति की यह करुणा और सामर्थ्य ही उन्हें जगत जननी का स्वरूप प्रदान करती है, और इसी कारण वे सबके विश्वास और भक्ति का सबसे बड़ा आधार बनती हैं।
यह भजन भी देखिये
पिया पहलम जाउंगी खाटू में
आज ते पाछे भोलेनाथ ना घोटूँ भँग
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माता दुर्गा करुणा और शक्ति की मूर्ति हैं, जिनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। उनका हृदय स्नेह और दया से भरपूर है, वे अपने भक्त की पुकार कभी अनसुनी नहीं करतीं। जब कोई सच्चे मन से शरणागत होता है, तो माता उसकी झोली खाली नहीं लौटातीं। वे केवल दुख हरने वाली ही नहीं, अपितु भाग्य संवारने और जीवन को नवीन दिशा देने वाली हैं। उनका कार्य ही यही है कि संतानों के जीवन में आशा, सुरक्षा और पूर्णता का संचार करें। मातृशक्ति की यह करुणा और सामर्थ्य ही उन्हें जगत जननी का स्वरूप प्रदान करती है, और इसी कारण वे सबके विश्वास और भक्ति का सबसे बड़ा आधार बनती हैं।
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Author - Saroj Jangir
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