साईं तेरी महिमा जदों दी पड़ी है

साईं तेरी महिमा जदों दी पड़ी है

साईं तेरी महिमा जदों दी पड़ी है,
अम्बरा तो ऊँची मेरी गुड़ी चढ़ी है।।

फड़ी आ डोर मेरी, तू छड्डी न तू साईंया,
दिल विचों कदे सानू कढ़ी न तू साईंया,
दर तेरे दी चाकरी जदों दी करी है,
अम्बरा तो ऊँची मेरी गुड़ी चढ़ी है।।

हर पल साईं, तेरा भजन मैं गाया है,
साईं-साईं करके मैं सब कुछ पाया है,
कृपा तेरी साईं, सबना तो बड़ी है,
अम्बरा तो ऊँची मेरी गुड़ी चढ़ी है।।

एक पासे रब होवे, दूजे पासे साईं आ,
छड्ड के सब, यारी साईं नाल लाई है,
चारे पासे लगी खुशियाँ दी झड़ी है,
अम्बरा तो ऊँची मेरी गुड़ी चढ़ी है।।

प्रकाश जदों आया साईं, तेरे सोहणे दर ते,
दुख वाले नेरे सारे दूर साईं कर देते,
साईंया, जदों दी तू बाह फड़ी है,
अम्बरा तो ऊँची मेरी गुड़ी चढ़ी है।।


साई बाबा का बहुत ही प्यारा भजन | Sai Ram Sai Shyam | Ranjeet Raja | Devotional #Jmd Bhakti

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

About Bhajan -

साईं बाबा की महिमा और कृपा जब से जीवन में आई है, तब से हर खुशी, हर सफलता और हर उम्मीद आसमान से भी ऊँची हो गई है। जैसे पतंग की डोर साईं के हाथ में है, वैसे ही जीवन की सारी दिशा और उड़ान भी अब उन्हीं के भरोसे है। दिल से यही प्रार्थना है कि साईं बाबा कभी साथ न छोड़ें, कभी दिल से दूर न हों, क्योंकि उनकी शरण में ही असली सुख और सुकून है।

साईं बाबा का नाम जपते-जपते, उनके भजन गाते-गाते जीवन में सब कुछ मिल गया—मन की शांति, खुशियाँ, और आत्मविश्वास। उनकी कृपा सबसे बड़ी है, जो हर विपत्ति को दूर कर देती है और हर दुआ को कबूल कर लेती है। जब भी साईं बाबा का साथ मिला, चारों ओर खुशियों की बहार छा गई, और जीवन में हर तरफ उजाला ही उजाला हो गया।
 
साई बाबा का बहुत ही प्यारा भजन | Sai Ram Sai Shyam | Ranjeet Raja | Devotional #Jmd Bhakti
➤Song Name: Sai Ram Sai Shyam
➤Singer Name: Ranjeet Raja
➤Album : Sai Ka Ek Tara
➤Copyright : Jmd Bhakti

Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post