सुख के संगी स्वारथी दुःख में रहते दूर मीनिंग
सुख के संगी स्वारथी दुःख में रहते दूर हिंदी मीनिंग
सुख के संगी स्वारथी, दुःख में रहते दूर |कहैं कबीर परमारथी, दुःख - सुख सदा हजूर ||
Sukh Ke Sangi Swarathi, Dukh Me Rahate Door,
Kahe Kabir Parmarthi, Dukh Sukh Sada Hujur.
कबीर के दोहे का हिंदी मीनिंग (अर्थ/भावार्थ) Kabir Doha (Couplet) Meaning in Hindi
कबीर साहेब ने इस दोहे के माध्यम से स्वार्थी व्यक्तियों का चित्रण भली भाँती से किया है. स्वार्थी और मतलबी लोग सुख के साथी होते हैं, क्योंकि वे स्वार्थ के बंधन से बंधे हुए होते हैं. लेकिन ऐसे व्यक्ति दुख आने पर दूर भागने लगते हैं.जो व्यक्ति परमार्थ की भावना लिए हुए होता है, स्वार्थी नहीं होता है वह सुख और दुख में समान रूप से साथ देता है. सांसारिक व्यक्ति सदा ही स्वार्थी होते हैं क्योंकि वे निज हित को सर्वोच्च महत्त्व देते हैं. संसारी लोग सदा ही सुख के समय ही साथ देते हैं, साथ निभाते हैं। जब दुःख आता है, तो वे दूर हो जाते हैं।
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Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं कबीर के दोहों को अर्थ सहित, कबीर भजन, आदि को सांझा करती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें। |
