Rahim Ke Dohe HIndi Meaning

रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय

रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय हिंदी मीनिंग रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय। टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गाँठ परि जाय॥ Rahiman Dha...

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रहीम दास के दोहे सरल हिंदी अर्थ सहित

रहीम दास के दोहे सरल हिंदी अर्थ सहित रहिमन जाके बाप को, पानी पिअत न कोय। ताकी गैल आकाश लौं, क्‍यो न कालिमा होय॥ रहिमन जा डर निसि परै, त...

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रहीम के दोहे सरल भावार्थ सहित

रहीम के दोहे सरल भावार्थ सहित रहिमन आँटा के लगे, बाजत है दिन राति। घिउ शक्‍कर जे खात हैं, तिनकी कहा बिसाति॥ रहिमन उजली प्रकृत को, नहीं...

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रहीम और उनके लोकप्रिय दोहों अर्थ

रहीम और उनके लोकप्रिय दोहों का अर्थ हिंदी में जानिये   बिपति भए धन ना रहे, रहे जो लाख करोर । नभ तारे छिपि जात हैं, ज्‍यों रहीम भए भोर ॥ भ...

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रहीम और उनके लोकप्रिय प्रासंगिक दोहे

रहीम और उनके लोकप्रिय प्रासंगिक दोहे अर्थ सहित   मुकता कर करपूर कर, चातक जीवन जोय । एतो बड़ो रहीम जल, ब्‍याल बदन विष होय ॥ मुनि नारी ...

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रहीम के दोहे जानिये अर्थ सहित

हिंदी अर्थ सहित रहीम के दोहे   भार झोंकि के भार में, रहिमन उतरे पार । पै बूड़े मझधार में, जिनके सिर पर भार ॥ मन से कहाँ रहिम प्रभु, दृग...

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रहीमदास जी के प्रसिद्ध दोहे हिंदी अर्थ

रहीमदास जी के प्रसिद्ध दोहे हिंदी अर्थ सहित जानिये   भावी काहू ना दही, भावी दह भगवान । भावी ऐसी प्रबल है, कहि रहीम यह जान ॥ भावी या उ...

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सरल अर्थ सहित रहीम दास के दोहे

सरल अर्थ सहित रहीम दास के दोहे   फरजी सह न ह्य सकै, गति टेढ़ी तासीर । रहिमन सीधे चालसों, प्‍यादो होत वजीर ॥ बड़ माया को दोष यह, जो क...

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शिक्षाप्रद रहीम दास के दोहे सरल अर्थ सहित

शिक्षाप्रद रहीम दास के दोहे सरल अर्थ सहित   नैन सलोने अधर मधु, कहि रहीम घटि कौन । मीठो भावै लोन पर, अरु मीठे पर लौन ॥ पन्‍नग बेलि पत...

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हिंदी अर्थ सहित जानिये रहीम दास जी के दोहे

हिंदी अर्थ सहित जानिये रहीम दास जी के दोहे   धन थोरो इज्‍जत बड़ी, कह रहीम का बात । जैसे कुल की कुलबधू, चिथड़न माँह समात ॥ धन दारा अरु स...

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सरल हिंदी अर्थों में जानिये रहीम के दोहे

सरल हिंदी अर्थों में जानिये रहीम के दोहे जब लगि जीवन जगत में, सुख दुख मिलन अगोट । रहिमन फूटे गोट ज्‍यों, परत दुहुँन सिर चोट ॥ जब लगि बि...

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रहीम के दोहे सरल हिंदी अर्थ में यहाँ जानिये

रहीम के दोहे सरल हिंदी अर्थ में यहाँ जानिये कमला थिर न रहीम कहि, यह जानत सब कोय। पुरुष पुरातन की बधू, क्‍यों न चंचला होय ॥ कमला थिर न ...

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रहीम के दोहे अर्थ सहित जानिये

रहीम के दोहे अर्थ सहित जानिये तैं रहीम मन आपुनो, कीन्हों चारु चकोर। निसि बासर लागो रहै, कृष्णचंद्र की ओर ॥ रहीम कहते हैं कि उन्होंने अपने...

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मदनाष्टक संत रहीम

मदनाष्टक संत रहीम हिंदी Madnashtak Sant Raheem रहीम की मधुराष्टक एक प्रसिद्ध भक्ति कविता है। यह भगवान कृष्ण की रासलीला का वर्णन करती है। यह ...

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श्रंगार सोरठा रहीम हिंदी अर्थ सहित

श्रंगार सोरठा रहीम हिंदी अर्थ सहित   श्रंगार-सोरठा गई आगि उर लाय, आगि लेन आई जो तिय । लागी नाहिं बुझाय, भभकि भभकि बरि-बरि उठै ।।1।। तुरु...

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रहीम की कविताएं

रहीम की कविताएं   अति अनियारे मानों सान दै सुधारे, महा विष के विषारे ये करत पर-घात हैं । ऐसे अपराधी देख अगम अगाधी यहै, साधना जो साधी हरि...

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रहीम के सोरठे हिंदी अर्थ सहित

रहीम के सोरठे हिंदी अर्थ सहित ओछे को सतसंग, रहिमन तजहु अँगार ज्‍यों। तातो जारै अंग, सीरो पै करो लगै॥     रहीम के सोरठे/दोहे का अर्थ : इस द...

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