सकल हंस में राम विराजे राम बिना कोई धाम नहीं लिरिक्स
सकल हंस में राम विराजे राम बिना कोई धाम नहीं लिरिक्स Sakal Hans Me Raam Bhajan सकल हंस में राम विराजे, राम बिना कोई धाम नहीं, सब ब्रह्मांड...
सकल हंस में राम विराजे राम बिना कोई धाम नहीं लिरिक्स Sakal Hans Me Raam Bhajan सकल हंस में राम विराजे, राम बिना कोई धाम नहीं, सब ब्रह्मांड...
हिवड़े सुख बरसे आनंद होवे रे डीघी डीघी पाल समंद री, तलवे जल जमुना रो नीर, होवे रे पार चढ़े गुरु नो मैं जोवियो रे, सतगुरु त्रमना री सीर। होवे...
तेरी काया नगर का कुण धणी भजन तेरी काया नगर का कुण धणी, मारग में लूटे पांच जणी, पांच जनी पच्चीस जनी, मारग में लूटे पांच जणी। आशा तृष्णा नदि...
कर गुजरान फकीरी में साधो भाई भजन कर गुजरान फकीरी में साधो भाई, मगरूरी क्यों करता, जोगी होकर जटा बढ़ावे, नंगे पाँव क्यों फिरता है रे भाई, गठरी...
करना होय सो करले रे साधो भजन करनी को तो क्यों डरे, और करहि क्यों पछताय, तूने बोया पेड़ बबुल का, फिर आम कँहा से खाय। करना रे होय से करले रे सा...
करना रे होय सो कर ले रे साधो शबनम विरमानी राम भजन भजियो नहीं, नहीं कियो हरी सूँ हेत, अब पछताया क्या करे, जब चिड़िया चुग गयी खेत, करना रे...
इस भजन के कुछ शब्दार्थ जिनके अर्थ हैं - शब्दार्थ : गुजरान : गुज़ाराँ करना / समय व्यतीत करना (گزاراں) To pass or spend time, to pass lif...
कोई नहीं अपना समझ मना भजन चाकी चाकी सब कहें, कीली कहें ना कोय, जो कीली से लाग रहा, वाको बाल ना बाँका होय, कोई नहीं अपना, समझ मना, धन दौलत ...
डेडरिया छोड़ छिलरिये री आसा बूँद पड़ी समुंद (समुद्र ) में, जाने है सब कोई, समुंद समाना बून्द में, जाने बिरला कोय, मैं लगा उस एक (ईश्वर ) से,...
मैं जागूँ म्हारां सतगुरु जागे भजन कबीर साहेब के इस भजन में जागने से आशय माया के भ्रम को समझ कर जीवन के उद्देश्य को समझने से है। एक तो सा...
कर गुजरान फकीरी में साधो भाई भजन कर गुजरान फकीरी में साधो भाई, मगरूरी क्यों करता, जोगी होकर जटा बढ़ावे, नंगे पाँव क्यों फिरता है रे भाई,...
गुरा तो जी ने ज्ञान की जड़िया दई निर्गुणी भजन गुरा तो जी ने ज्ञान की जड़िया दई सतगुरु जी ने ज्ञान की जड़िया दई वाही जड़ी तो म्हाने प्यार...
थारा रंग महल में अजब शहर में भजन शबनम वीरमानी ह्रदय मांहीं आरसी, और मुख देखा नहीं जाय मुख तो तब ही देखिये, जब दिल की दुविधा जाय थारा रं...
माली आवत देखि के कलियां करे पुकार मीनिंग माली आवत देख के कलियन करे पुकारि। फूले फूले चुनि लिये, कालि हमारी बारि या माली आवत देखि के, क...
करना रे होई सो कर ले रे साधो कबीर भजन करणी करे तो क्यों डरे, और कर ही क्यों पछताय, तूने बोया पेड़ बबूल का, फिर आम कहाँ से खाय, करना है सो...
राम रस मीठो घणो कबीर भजन मैं मेरा घर जाळिया रे, जोगिया जी लियो पलीता हाथ कोई अगर जाळो घर आपरो रे, जोगिया जी चलो हमारे साथ हे राम रस मीठो घ...